फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धैर्य बनाए रखें कार्यकर्ता, पार्टी के विरोध में कुछ न बोलें

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकर नगर। बसपा से निकाले जाने के अगले दिन शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर ने कार्यकर्ताओं से धैर्य बनाए रखने को कहा। वह दिन भर कार्यकर्ताओं से मिल उन्हें त्यागपत्र देने अथवा पार्टी के विरोध में कुछ भी बोलने से मना करते रहे।
विज्ञापन

रामअचल राजभर को गुरुवार को पार्टी से निकाले जाने की खबर मिलते ही शुक्रवार सुबह से ही उनसे मिलने वाले कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। भानुमती डिग्री कॉलेज के एक हिस्से में वे कार्यकर्ताओं से मिल उनका आक्रोश शांत कराते दिखे। इसमें उनके प्रतिनिधि बाल मुकुंद धुरिया ने भी बड़ी भूमिका निभाई। तमाम कार्यकर्ता तो भावुक नजर आए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि राम अचल ने न सिर्फ जनपद वरन प्रदेश के हिस्सों समेत विभिन्न राज्यों में भी संगठन को खड़ा करने का काम किया है। पार्टी की बड़ी से लेकर छोटी जिम्मेदारी का निर्वहन उन्होंने समान भाव से किया। तमाम सफलताएं दिलाई। लेेकिन अब उन्हें बिना कोई बात सुने निकाल दिया गया।
विज्ञापन

कार्यकर्ताओं के आक्रोश को देख कई बार उन्हें खड़े होकर उन्हें चुप कराना पड़ा तो ज्यादा भावुक हो रहे कार्यकर्ताओं को गले भी लगाया। तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस्तीफा देने पर आमादा थे जिसे पूर्व मंत्री ने रोका भी। राम अचल ने कहा कि किसी को भी पार्टी के विरुद्ध कुछ नहीं बोलना है। हम बसपा के सिपाही हैं। बहन मायावती से मिलने के लिए समय लेने की कोशिश जारी है। मैं उन्हें मिलकर पूरी जानकारी दूंगा। पूरी कोशिश रहेगी कि बसपा में रहकर ही सबकी सेवा की जाती रहे।
विज्ञापन

--
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें