अंबेडकरनगर। 12 सूत्री मांगों को लेकर बैंकों में दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन 200 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ। 178 शाखाओं के सापेक्ष 150 शाखाओं के ताले शुक्रवार को नहीं खुले। जगह-जगह प्रदर्शनकर कर्मचारियों ने हक की आवाज बुलंद की। कहा गया कि लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर आवाज बुलंद की जा रही है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है।
चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। उधर, बैंकों में हड़ताल के चलते धन निकासी व जमा करने के साथ ही विभिन्न कार्यों के लिए बैंक शाखाओं पर पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटने को मजबूर होना पड़ा। बैंकों में हड़ताल से एटीएम सेवा भी शुक्रवार को प्रभावित हुई। इससे उपभोक्ताओं को धननिकासी के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर कर्मचारी 31 जनवरी से दो दिवसीय हड़ताल पर रहे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित अलग-अलग बैंकों की 178 शाखाओं के सापेक्ष 150 शाखाओं के ताले शुक्रवार को नहीं खुले। कर्मचारी समय पर संबंधित शाखाओं में पहुंचे लेकिन ताला नहीं खोला। शाखा के सामने ही कर्मचारी धरने पर बैठ गए। बैंक ऑफ बड़ौदा स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष आत्माराम मिश्र ने कहा कि लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग किए जाने, मूल वेतन के साथ विशेष भत्ता विलय किए जाने व पारिवारिक पेंशन में सुधार किए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
महेश उपाध्याय व रंजीत कुमार ने कहा कि परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण पोस्ट को आवंटन, बिना सीमा के सेवानिवृत्त लाभों पर आयकर से छूट, अवकाश बैंकिंग की शुरुआत, अधिकारियों के लिए निश्चित काम के घंटे की मांग को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे बैंक कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो 11 से 13 मार्च तक तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी यदि मांग नहीं पूरी की गई तो एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस बीच बैंकों में हड़ताल के चलते पहले दिन ही लगभग 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
बैंक ऑफ बड़ौदा, अकबरपुर शाखा आए कुर्कीबाजार के धीरज व महरुआ प्रत्यूष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें धन निकासी के साथ ही और भी कुछ कार्य थे। हड़ताल की जानकारी नहीं थी। ऐसे में बैंक पहुंचने पर हड़ताल की जानकारी हुई तो उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। एसबीआई मुख्य शाखा में पेंशन निकालने के लिए मालीपुर के रामकृपाल ने कहा कि यदि हड़ताल थी, तो इसकी जानकारी समय रहते दी जानी चाहिए थी। उन्हें धन की जरूरत है। पेंशन निकालने आए थे, लेकिन यहां पहुंचने पर पता चला कि हड़ताल है। ऐसे में उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। बेनीपुर के दीपकचंद्र, बसौही के अमित वर्मा व बरधाभिउरा के अनंतराम ने कहा कि वे धन जमा करने के लिए बैंक गए थे। हड़ताल के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा।
बैंकों में हड़ताल से एटीएम सेवा भी पहले ही दिन प्रभावित हो गई। जिला मुख्यालय से लेकर अन्य क्षेत्रों में विभिन्न बैंकों के 125 एटीएम के सापेक्ष 50 से अधिक एटीएम में दोपहर होते-होते केश की कमीं हो गई। नतीजा यह रहा कि उपभोक्ताओं को धननिकासी के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ा। उपभोक्ताओं का कहना था कि बैंकों में हड़ताल को देखते हुए उपभोक्ताओं को धन निकासी के लिए परेशान न होना पड़े इसके लिए एटीएम सेवा के सुचारु संचालन पर जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी होगी।
दो दिन हड़ताल के पहले दिन 150 बैंक शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे करीब 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। एटीएम सेवा का संचालन सुचारु रूप से हो सके, इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
- आशीष सिंह, एलडीएम