अंबेडकरनगर। इब्राहिमपुर क्षेत्र में करीब 16 वर्षीय नाबालिग को फुसलाकर लखनऊ ले जाने और सह आरोपियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद सलीम की जमानत विशेष पॉक्सो न्यायालय ने खारिज कर दी। अदालत ने पीड़िता के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट समेत केस डायरी में उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए जमानत का पर्याप्त आधार नहीं पाया।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार की अदालत में आरोपी सलीम निवासी शाहनजफ इमामबाड़ा, राणा प्रताप मार्ग हजरतगंज लखनऊ की ओर से कहा गया कि उसे रंजिशन फंसाया गया है। अभियोजन के अनुसार, आठ अगस्त की रात नाबालिग को शादी का झांसा देकर घर से लखनऊ ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता के न्यायालय में दर्ज बयानों में उसने आरोपी की पहचान सलीम के रूप में करते हुए बताया कि उसने अपना नाम अमित बताया था।
पीड़िता के अनुसार उसे लखनऊ में एक कमरे में रखा गया, जहां उसके साथ सलीम और अन्य लोगों ने दुष्कर्म किया था। केस डायरी के अनुसार आरोपी के विरुद्ध बाराबंकी के देवा थाने में दो अन्य मामले भी दर्ज हैं। अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि जमानत पर रिहा होने पर आरोपी साक्ष्य को प्रभावित कर सकता है। इसके आधार पर मो. सलीम का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया।