अंबेडकरनगर। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए गणमान्य लोगों ने नागरिकों से अपील की कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को स्वीकार करें। साथ ही आपसी भाईचारा भी बनाए रखें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे किसी को ठेस पहुंचे।
शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया तो इसका गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर स्वागत किया। सामाजिक संस्था अल इमाम चैरिटेबल फाउंडेशन के चेयरमैन ख्वाजा शफाअत हुसैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय है। इसे सभी को स्वीकार करना चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी वर्ग की भावनाओं का सम्मान किया है। अयोध्या में ही प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ की भूमि मस्जिद के लिए दिए जाने का फैसला सराहनीय है। सभी को इसे स्वीकार्य करना चाहिए।
कई शिक्षण संस्थानों की निदेशक डॉॅ. मीरा वर्मा ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे विवाद का शनिवार को जिस बेहतर ढंग से सुप्रीम कोर्ट ने पटाक्षेप किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। फैसले में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है।
विद्यालय प्रबंधक मेहंदी रजा ने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि फैसले के मद्देनजर किसी भी प्रकार का माहौल न बिगड़ने पाए। फैसले को लेकर आपसी सौहार्द बनाए रखें। सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, उसका सभी को सम्मान करना चाहिए।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हैदर मेहंदी ने कहा कि फैसला ऐतिहासिक है। सभी को इसे स्वीकारना चाहिए। आपसी सौहार्द कायम रखें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे माहौल खराब हो। अशरफी आईटीआई के प्रबंधक आकाश वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस फैसले को किसी की हार या जीत से न जोड़ें।