अंबेडकरनगर। एक क्लिक में जिला अस्पताल के मरीजों का ब्योरा प्राप्त करने की योजना जिले में शुरू नहीं हो सकी। साॅफ्टवेयर उपलब्ध न होने से स्वास्थ्य निदेशालय से मिले 16 कंप्यूटर जहां-तहां धूल फांक रहे हैं। वहीं करीब एक वर्ष पहले ई-हॉस्पिटल बनाने की शुरू हुई कवायद अब ठंडे बस्ते में चली गई है।
समय के साथ अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं को लैस करने के लिए सरकार का पूरा जोर है। मरीजों की जांच व उपचार की सुविधाओं का जहां जिला अस्पताल में लगातार विस्तार हो रहा है वहीं घर बैठे टेलीमेडिसिन सेवा भी शुरू की गई। इन्हीं सब के साथ प्रतिदिन एक हजार से अधिक की संख्या में जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों का डाटा ऑनलाइन दर्ज करने की भी व्यवस्था शुरू की गई थी।
इसके लिए निदेशालय ने जिला अस्पताल को 16 कंप्यूटर सिस्टम भी उपलब्ध करा दिए गए। निदेशालय की मंशा थी कि एक क्लिक में जिला अस्पताल आने वाले मरीजों का डाटा उपलब्ध हो जाएगा। अस्पतालकर्मियों को मरीजों के पुराने रिकाॅर्ड खोजने में आसानी होती। पुराना पर्चा खो जाने पर मरीजों को मुश्किलों का सामना न करना पड़ता।
शुरुआती दौर में इस व्यवस्था को लेकर काफी तत्परता दिखी लेकिन समय बीतने के साथ ही रफ्तार कुंद पड़ गई। अब तक कंप्यूटर के लिए साॅफ्टवेयर उपलब्ध न होने से काम नहीं शुरू हो सका। इससे जिला अस्पताल को ई-हॉस्पिटल बनाने की योजना फिलहाल अधूरी है।
निदेशालय को लिखा गया पत्र
ई-हॉस्पिटल बनाने के लिए निदेशालय से कंप्यूटर उपलब्ध है। फिलहाल अब तक साॅफ्टवेयर नहीं उपलब्ध हुआ है, जिसके लिए पूर्व में ही पत्र लिखा जा चुका है। साॅफ्टवेयर के अभाव में यह नई व्यवस्था शुरू नहीं हो पा रही है। प्रयास किया जा रहा कि साॅफ्टवेयर जल्द उपलब्ध हो। - डॉ ओमप्रकाश, सीएमएस