अंबेडकरनगर। भूमि विवाद में पुलिस कर्मियों पर हमला करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रत्नेशमणि त्रिपाठी ने 11 आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इन्हीं दोषियों को आम नागरिकों से मारपीट करने के मामले में एक दिन पहले सजा सुनाई गई थी।
यह घटना 30 अगस्त 2015 को हुई थी। तत्कालीन वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) महेंद्र कुमार यादव ने बेवाना थाने में दर्ज कराए केस में कहा था कि वे पुलिसकर्मियों के साथ बेवाना क्षेत्र के बसिरहा में भूमि विवाद की सूचना पर पहुंचे थे। पैमाइश के दौरान हरीराम यादव पक्ष के लोग अपनी भूमि पर नींव खोदने लगे तो दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया।
इस घटना में हरीराम व उनके पक्ष के लोगों की पिटाई करने के साथ हमलावरों ने पुलिसकर्मियों पर भी लाठी से हमला कर दिया। इस घटना में एसएसआई के साथ सिपाही गुलाम गौस को गंभीर चोट आई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी कुछ दिन बाद जमानत पर रिहा हो गए थे।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाषचंद्र वर्मा ने बताया कि लोकसेवक पर हमले के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए साक्ष्यों के आधार पर एडीजे ने आरोपी सालिकराम, रामजगत, राजितराम, रामजनम, मनराज, प्रदीप, रामनवल, सत्यनरायन, मुन्नीलाल, नंदलाल व बबलू को पांच-पांच वर्ष की सजा सुनाई है।