यूपी के अंबेडकरनगर में आलापुर क्षेत्र के सहिजना हमजापुर गांव से जुड़े 11 साल पुराने मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ धर्मेंद्र कुमार यादव की अदालत ने मुख्य गवाहों के बयान बदलने और स्वतंत्र साक्ष्य न मिलने के कारण फैसला सुनाया है।
अभियोजन के मुताबिक, 16 अगस्त 2015 की सुबह करीब 09.00 बजे वादी रामगोविंद यादव अपनी बिजली की दुकान पर मौजूद थे। उनके साथ उनका पुत्र अनिल कुमार भी था। इसी दौरान सहिजना हमजापुर निवासी राजेंद्र प्रसाद निषाद और गोपीचंद दुकान पर पहुंचे।
दोनों के बीच बिजली के तार को लेकर कहासुनी शुरू हुई। दोनों ने गाली-गलौज करते हुए अनिल कुमार की पिटाई कर दी थी। आलापुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की और बाद में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से रामगोविंद और अनिल कुमार को बतौर गवाह पेश किया गया। रामगोविंद ने मुख्य परीक्षा में घटना का समर्थन किया, लेकिन जिरह के दौरान बयान से पलट गए। दूसरे गवाह अनिल कुमार ने भी अदालत में कहा कि बिजली के सामान को लेकर केवल कहासुनी हुई थी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन के दोनों प्रमुख गवाहों ने ही घटना से इनकार कर दिया। गवाहों के बयान अभियोजन कथानक की पुष्टि नहीं करते। इसके अलावा अभियोजन पक्ष किसी स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी गवाह को भी पेश नहीं कर सका। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए जमानती बंधपत्र निरस्त कर दिए हैं।