अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में सोमवार को दो दिन बाद ओपीडी खुलते ही स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली सामने आ गई। दो दिन की छुट्टी के बाद मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई। सुबह आठ बजे से ही परचा काउंटर पर लंबी कतारें लग गईं। मरीजों को परचा बनवाने में ही घंटों इंतजार करना पड़ा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ओपीडी में कुल 1321 मरीज पहुंचे, जिनमें से करीब 700 मरीज वायरल बुखार और सामान्य बुखार से पीड़ित पाए गए। बदलते मौसम से ज्यादा लोग बीमार पड़ने लगे हैं। फिजीशियन डॉ. डीपी वर्मा ने बताया कि वायरल बुखार इस बार सामान्य से अधिक समय ले रहा है। बिना जांच इलाज करना खतरनाक हो सकता है। मरीज डॉक्टर से परामर्श लें और खुद से दवा लेने से बचें।
जांच यूनिटों पर पड़ा बोझ
अस्पताल की अल्ट्रासाउंड और एक्सरे यूनिट पूरी तरह से लचर नजर आईं। मरीजों को जांच के लिए तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि, मशीनें चालू थीं, लेकिन दो दिन की छुट्टी के बाद आई भीड़ के चलते जांच प्रक्रिया बेहद धीमी रही। दवा काउंटर पर भी अव्यवस्था बनी रही, मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। वितरण की धीमी प्रक्रिया ने उन्हें घंटों तक खड़ा रहने को मजबूर किया।
परचा बनवाने में डेढ़ घंटे की मशक्कत
अकबरपुर के चांदपुर निवासी जयभद्र ठाकुर ने बताया कि वह अपने रिश्तेदार का इलाज कराने अस्पताल आए थे, लेकिन परचा बनवाने में ही उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। भीड़ और अव्यवस्था के कारण यह छोटी सी प्रक्रिया भी थकाने वाली साबित हुई।
एक घंटे तक लाइन में लगना पड़ा
सम्मनपुर के सैदापुर निवासी सचिन कुमार ने बताया कि वह अपनी बहन का इलाज कराने आए थे, लेकिन परचा बनवाने में ही पूरा एक घंटा लग गया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने की सख्त जरूरत है।
सीटी स्कैन के लिए तीन घंटे का इंतजार
अकबरपुर के कालेपुर निवासी छिन्नीलाल ने बताया कि वह सिटी स्कैन कराने आए थे, लेकिन उन्हें तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद नंबर मिल सका। समय पर जांच न हो पाने से उन्हें काफी परेशानी हुई।
अस्पताल में नहीं मिलीं जरूरी दवाएं
अकबरपुर के बिहलोलपुर निवासी बृजेश राजभर ने बताया कि वह अपनी दादी का इलाज कराने आए थे, लेकिन ऑर्थों संबंधी तीन जरूरी दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं, जिन्हें उन्हें बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदना पड़ा। इससे आर्थिक बोझ भी बढ़ गया।
दो दिन के अवकाश के कारण सोमवार को मरीजों की भीड़ अधिक रही। हमारा निरंतर प्रयास रहता है कि मरीजों को समय से उपचार मिल सके। ज्यादातर दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं। जिनका स्टॉक समाप्त हो गया है, उन्हें मंगवाया जा रहा है।
- डॉ. पीएन यादव, प्रभारी सीएमएस