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पशु आश्रय स्थल का बुरा हाल, गंदगी से भरी नाद, जमीन पर तड़प रहे बीमार पशु

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फोटो-03, अंबेडकरनगर के जहांगीरगंज में तेंदुआईखुर्द पशु आश्रय स्थल में बदहाल पड़ा नाद - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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जहांगीरगंज। शासन प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद पशु आश्रय स्थल की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। इसके कारण आए दिन तमाम पशुओं का स्वास्थ्य खराब होता जा रहा है। कई बार पशुओं के मौत होने की खबर भी सामने आती रहती है। अमर उजाला ने बुधवार को तेंदुआईकला खुर्द पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण किया तो वहां पूरी तरह मनमानी सामने आयी।
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75 पशुओं की देखरेख के लिए 5 कर्मचारियों की तैनाती है, लेकिन यहां रात के समय पशुओं की देखरेख करने वाला कोई नहीं रहता। चारा देने के लिए बनी नाद गंदगी की चपेट में दिखी। दो पशु खराब स्वास्थ्य के चलते भूमि पर गिरे पड़े थे। पशुओं की स्थिति देखकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी देखभाल में लापरवाही बरती जा रही है।
अमर उजाला टीम बुधवार दोपहर करीब तेंदुआईकला खुर्द पहुंची तो यहां कर्मचारियों की मनमानी साफ दिखी। यहां पर लगभग 75 पशु हैं। इन पशुओं की देखरेख के लिए 5 कर्मचारियों की तैनाती है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार मनमानी का आलम यह कि यहां पर शाम 5 बजे से पूरी रात कोई कर्मचारी नहीं रहता। पूर्वाह्न करीब 10 बजे से कर्मचारियों की आमद शुरु होती है। यह बात यहां तैनात कर्मचारियों ने भी स्वीकार की। ऐसे में करीब 17 घंटे तक पशुओं को रामभरोसे छोड़ दिया जाता है।
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पशु आश्रम स्थल पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था भी नही है। टीम के निरीक्षण में सामने आया कि दो पशु बीमारी की हालत में भूमि पर गिरे पड़े थे। पशुओं को चारा देने के लिए बनी नाद को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि इसमें लंबे समय से चारा ही नहीं पड़ा हो। नाद से दुर्गंध भी उठ रही थी। लंबे समय से नाद की साफ सफाई भी ठीक ढंग से नहीं हुई थी। टीम वहां मौजूद ही थी कि चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार यादव भी मौके पर पहुुंच गए। टीम ने जब इस अव्यवस्था के बारे में उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की इस मनमानी के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
पशु आश्रय केन्द्र पर पशुआहार पर्याप्त मौजूद था। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी मोहम्मद रईस, विशाल, रामअछैबर, अनिल कुमार व विजय कुमार मौके पर मौजूद थे। कर्मचारियों ने बताया कि वह लोग शाम 5 बजे चले जाते हैं। इसके बाद सुबह 10 बजे आते हैं। पशुओं के गिरते स्वास्थ्य के बारे में जब पूछा या तो कर्मचारी जवाब देने से कतराने लगे। इस बाबत ग्राम प्रधान ने बताया कि कर्मचारियों के जाने के बाद रात में गांव निवासी रामधारी पशुओं की देखरेख करता है। पशुओं की देखरेख में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाती।

फोटो-04, अंबेडकरनगर के जहांगीरगंज में तेंदुआईखुर्द पशु आश्रय स्थल में इस तरह से बीमार पड़ा पशु।- फोटो : AMBEDKAR NAGAR

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