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नुकसान से नाराज ग्रामीणों 50 छुट्टा पशुओं को किया कैद

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महरुआ। शिकायत के बावजूद छुट्टा पशुओं के लिए उचित इंतजाम न करने से नाराज महरुआ के ग्रामीणों का सब्र मंगलवार को जवाब दे गया। बड़ी तादाद में इकट्ठा ग्रामीणों व किसानों ने करीब 50 छुट्टा पशुओं को कस्बा स्थित एक निर्माणाधीन मकान में बंद कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम भीटी समेत थाने की पुलिस व लेखपाल आदि मौके पर पहुंच गए। काफी जदोजहद के बाद वाहन की व्यवस्था कराकर पशुओं को जैतपुर पशु आश्रय केंद्र भेजा गया।
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बता दें कि जिले में छुट्टा पशुओं के उचित रख रखाव को लेकर लंबे समय से किसान व ग्रामीण जदोजहद कर रहे हैं, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा। हालांकि जिले में छुट्टा पशुओं के देखभाल के लिए कई स्थानों पर स्थाई तथा अस्थाई पशु आश्रय स्थलों की स्थापना तो की गई है, लेकिन मवेशियों की संख्या के सापेक्ष वे पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं। ऐसी दशा में ये मवेशी न सिर्फ किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि कई मौकों पर लोगों को अपना शिकार भी बना लेते हैं।
ऐसा ही एक ताजा मामला महरुआ कस्बे का है। जहां ग्रामीणों के कई शिकायत के बावजूद स्थानीय प्रशासन छुट्टा मवेशियों के उचित रख रखाव की व्यवस्था अब तक नहीं कर सका है। आये दिन फसलों को नुकसान पहुंचाते देख ग्रामीणों का धैर्य मंगलवार को जवाब दे गया। बड़ी तादाद में एकत्रित ग्रामीणों ने आसपास घूम रहे करीब 50 छुट्टा पशुओं को पकड़कर कस्बा स्थित एक निर्माणाधीन मकान में ले जाकर बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में घूम रहे छुट्टा पशुओं के रखरखाव के लिए पूर्व में तहसील दिवस से लेकर कई बार अधिकारियों से भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का निदान नहीं हो सका।
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ये मवेशी न सिर्फ धान आदि की फसलों को चरकर बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि उसी में लोट कर उसे तहस नहस भी कर रहे हैं। उधर मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम भीटी देवी दयाल समेत थाने की पुलिस व लेखपाल, कानूनगो आदि भी मौके पर पहुंच गए। काफी जद्दोजहद के बाद बुधवार सुबह वाहन की व्यवस्था कराकर पशुओं को जैतपुर पशु आश्रय केंद्र भेजा गया।
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