वारदात से परिजन बदहवास हैं।
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गासिया के शव को उन्हें दिखाया जाए
गासिया खातून के शव का डॉ. गौरी पांडेय, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इससे पहले पुलिस को पंचनामा भरवाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। रविवार शाम को महिला का शव मिलने के बाद नियाज के भाई सलीम, मुबारक और गासिया के भाई वजीर अहमद व बहन राबिया समेत अन्य लोग कोतवाली पहुंचे थे। इनकी मांग थी कि गासिया के शव को उन्हें दिखाया जाए। ठीक इसी समय एडीजी का दौरा होने के कारण परिजनों की कोई सुनवाई नहीं हो सकी तो वह वापस लौट गए।
रात करीब 11 बजे पुलिस ने गासिया के शव का पंचनामा कराने के लिए परिजनों से संपर्क करना शुरू किया। पहले तो परिजनों को अकबरपुर बुलाया जाता रहा लेकिन उनके मना करने पर रात करीब दो बजे पुलिस टीम कसड़ा गांव पहुंची।
काफी मान-मनौवल के बाद परिजनों ने पंचनामा दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए तब कहीं जाकर पोस्टमार्टम कराया जा सका। वहीं, दूसरी कसड़ा गांव में परिजनों के अलावा ग्रामीण गम में डूबे हुए हैं। चार सगे भाई-बहनों और उनकी मां की हत्या ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। उधर, आमिर के मीरानपुर स्थित घर की गली और नियाज के मुरादाबाद स्थित घर की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
अंतिम संस्कार करने से परिजनों ने मना किया
गासिया के शव के पोस्टमार्टम के बाद एक बार फिर परिजनों को अकबरपुर बुलाया गया और शव की सुपुर्दगी के साथ अंतिम संस्कार करने की बात कही गई, लेकिन मृतका के पति नियाज के मना करने के कारण परिजन तदफीन के लिए राजी नहीं हुए। दरअसल नियाज का कहना है कि मंगलवार को उनके लौटने के बाद भी शव की तदफीन की जाए।