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Ambedkar Nagar News: बच्चों को पढ़ाने के साथ ही अब कुत्तों की निगरानी भी करेंगे शिक्षक

Sat, 27 Dec 2025 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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अंबेडकरनगर। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के एक अजीबो-गरीब फरमान ने शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है। अब परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाते ही नहीं दिखेंगे, बल्कि अब उन्हें सड़कों और स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों की निगरानी करते हुए भी देखा जाएगा। विभागीय आदेश सामने आते ही शिक्षक संगठनों ने इसे शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताना शुरू कर दिया है।
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उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश और उच्च न्यायालय में दाखिल जनहित याचिका के अनुपालन में शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की पहचान, रोकथाम और नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में विद्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, जो परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और आवारा कुत्तों की आवाजाही पर नजर रखेंगे। निगरानी में लगे नोडल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर विद्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शित करना भी अनिवार्य किया गया है।
इस आदेश को लागू करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश कुमार पटेल ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि विकास खंड क्षेत्र के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, अशासकीय सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों, विशेषकर नगर निगम सीमा में आने वाले विद्यालयों के आसपास आवारा कुत्तों की स्थिति का चिह्नांकन किया जाए। इसके बाद संबंधित नगर निकाय से समन्वय स्थापित कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी जाए, ताकि उसे शासन स्तर पर प्रेषित किया जा सके। इस आदेश से साफ है कि आवारा कुत्तों के चिह्नांकन के लिए शिक्षकों को विद्यालय से बाहर निकलकर अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभानी होंगी। इसी बात को लेकर शिक्षक संगठनों में नाराजगी है। शिक्षक संगटनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।
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शिक्षकों को अपमानित करने वाला आदेश
विद्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने और आवारा कुत्तों के चिह्नांकन का दायित्व सौंपना शिक्षकों का अपमान है। सर्वोच्च न्यायालय और शासन के आदेशों में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि यह कार्य शिक्षकों से कराया जाए। इस फैसले से शिक्षकों में भारी आक्रोश है। इस आदेश का शिक्षक हर स्तर पर विरोध करेंगे।
– बृजेश कुमार मिश्रा, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
आदेश जल्द वापस लिया जाए
कई विद्यालयों में आज भी बाउंड्रीवॉल तक नहीं है। ऐसे में विभाग को पहले बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। इस तरह का कार्य शिक्षक सेवा नियमावली में कहीं दर्ज नहीं है। संगठन इस असंगत आदेश का विरोध करता है और इसे तुरंत वापस लेने की मांग करता है।
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– राघवेंद्र शुक्ला, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
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