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प्रभारी अफसरों के भरोसे कामकाज

Sun, 10 Jan 2016 11:21 PM IST
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
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इन पर तैनाती की सुध शासन प्रशासन को नहीं हो रही है। विकास कार्यों के लिए शासन-प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के सभी विकास खंडों में सहायक विकास अधिकारी का पद विगत 10 वर्ष से रिक्त चल रहा है।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी व जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी का पद भी विगत चार वर्ष से रिक्त चल रहा है। इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ने के साथ ही समस्याओं के निस्तारण को लेकर संबंधित कार्यालयों में पहुंचने वाले फरियादियों की निराशा के तौर पर भी सामने आ रही है।

मालूम हो कि  जिले के एक दर्जन से अधिक अधिकारियों के पद लंबे समय से कार्यवाहक के भरोसे चल रहे हैं। कई जिलास्तरीय अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें कई अन्य विभागों का प्रभार दे दिया गया है। इसके चलते न वे स्वयं अपने विभाग का कार्य ठीक से देख पा रहे हैं और न ही उस विभाग का, जिसका प्रभारी उन्हें बनाया गया है।
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रिक्त चल रहे पद पर अधिकारियों की तैनाती को लेकर शासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल के सीएमएस का प्रभार ब्लड बैंक के अधिकारी डा. केएस पाण्डेय लगभग छह माह से संभाले हुए हैं।

इसके अलावा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का प्रभार लगभग आठ माह से पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अश्विनी कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी चंद्रभान यादव के स्थानांतरण के बाद से इसका प्रभार अविनाश कुमार झा संभाले हुए हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी का लगभग चार वर्ष प्रभार जिला कृषि अधिकारी देख रहे हैं।

उपसम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी जलालपुर व टांडा का पद विगत 10 वर्ष से प्रभारियों के सहारे चल रहा है। इसी प्रकार सभी नौ विकास खण्डों के सहायक विकास अधिकारी का पद भी विगत 10 वर्ष से रिक्त है।इनका कार्य कर्मचारियों द्वारा देखा जा रहा है।

खण्ड विकास अधिकारी टांडा का प्रभार जिला उपायुक्त मनरेगा विजय शंकर राय, खण्ड विकास अधिकारी कटेहरी का चार्ज जिला उपायुक्त एनआरएलएम राजकुमार देख रहे हैं।
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