इस प्रकार 7 हजार 11 परीक्षार्थी इसमें शामिल हुए। परीक्षार्थियों की बड़ी संख्या के बावजूद कुछ ऐसे परीक्षा केंद्र बना दिए गए जहां न तो समुचित अस्थाई शौचालय की व्यवस्था थी और न ही कक्षों में समुचित प्रकाश की। इससे परीक्षार्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
कक्षा 6 में प्रवेश के लिए जवाहर नवोदय प्रवेश परीक्षा को निपटाने के लिए प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां एक दिन पूर्व ही कर लेने का दावा किया था। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बनाएं गए 16 परीक्षा केंद्रों पर शनिवार को होने वाली परीक्षा के लिए कुल 8 हजार 943 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था।
परीक्षा पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे से होनी थी, लेकिन सुबह नौ बजे ही परीक्षा परीक्षा केंद्र पर पहुंचने लगे। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। जलालपुर क्षेत्र स्थित एक परीक्षा केंद्र में अस्थाई शौचालय की व्यवस्था नहीं थी तो टांडा तहसील क्षेत्र के एक विद्यालय में कक्ष में प्रकाश की व्यवस्था नहीं थी।
जवाहर नवोदय विद्यालय प्रधानाचार्या सुषमा सागर ने बताया कि परीक्षा में कुल 8 हजार 943 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन 1832 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। श्रीमती सागर ने बताया कि परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे। कहीं से कोई शिकायत सामने नहीं आई।