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दो अप्रैल तक ज्यादातर सेवाएं बंद

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अंबेडकरनगर। कोरोना वॉयरस से बचने के लिए जिले में तत्काल प्रभाव से अधिकांश सेवाएं दो अप्रैल तक ठप कर दी गई हैं। सभी राजस्व न्यायालय में न्यायिक कार्य नहीं होंगे, जबकि जिला, तहसील व ब्लाक स्तरीय सभी कार्यालयों में भी दो अप्रैल तक आकस्मिक को छोड़कर सभी कार्य रोक दिए गए हैं। सभी प्रकार के सामूहिक आयोजनों को स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर जिले के सभी अस्पतालों में 31 मार्च तक के लिए ओपीडी व जांच बंद कर दी गई है। सभी सिनेमाहाल व मॉल भी दो अप्रैल तक बंद रहेंगे। वसूली व नीलामी की सभी प्रक्रिया पर भी जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है।
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कोरोना वॉयरस से निपटने को अब प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू किए हैं। हालांकि जनसामान्य शासन प्रशासन की इस मुहिम में पहले से ही सहयोग देने में जुटा है, लेकिन इसके बावजूद वायरस के प्रभाव को पूरी तरह रोकने के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। जिला मजिस्ट्रेट राकेश कुमार मिश्र ने शुक्रवार को जारी किए आदेश में कहा कि जिले के सभी राजस्व न्यायालय में दो अप्रैल तक न्यायिक कार्य स्थगित कर दिया गया है। कोई भी वादी प्रतिवादी ऐसे में संबंधित न्यायालयों तक न पहुंचे। सभी प्रकार के जिला, तहसील व ब्लॉक स्तरीय सरकारी कार्यालय में आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर अन्य कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिए गए हैं। सिर्फ अति आवश्यक सेवा व कार्यों के लिए ही चुनिंदा स्टाफ कार्यालय आएंगे। सभी प्रकार के धार्मिक, अध्यात्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मांगलिक सामूहिक आयोजन दो अप्रैल तक स्थगित किए जाने के निर्देश जिला मजिस्ट्रेट ने दिए हैं।
आदेश में कहा गया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में विशेष परिस्थिति को छोड़ सामान्य ओपीडी व जांच तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी जा रही है। ऐसे में 31 मार्च तक अस्पतालों में कोई भी सामान्य इलाज व जांच नहीं हो पाएगी। आदेश में कहा गया कि 2 अप्रैल तक जिले के सभी सिनेमाहाल व मॉल को बंद कर दिया जाए। सभी तरह की नीलामी की जो प्रक्रिया लंबित है या शुरू की गई है, वह भी स्थगित रहेगी। इस अवधि में राज्य सरकार, जिला प्रशासन, वित्तीय संस्थान, निकाय, प्राधिकरण व एजेंसियों की तरफ से की जाने वाली वसूली को भी स्थगित कर दिया गया है। राजस्व प्रशासन व निकायों की तरफ से किसी भी प्रकार की विध्वंस की भी कार्रवाई नहीं होगी, न ही तब तक किसी के खिलाफ कोई निष्कासन या बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा कि तत्काल प्रभाव से लागू इन आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डनीय कार्रवाई की जाएगी।
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22 मार्च को जनता कर्फ्यू के आह्वान को देखते हुए भी जरूरी निर्णय लिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा कि अस्पताल में विशेष इलाज, फार्मेसी/मेडिकल स्टोर, पैथालॉजी व रसोई गैस, दूध व राशन को छोड़कर सभी प्रकार के व्यापारिक प्रतिष्ठान व कार्यालय बंद रहेंगे। जनता कर्फ्यू का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की टीम क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वह्न करेगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर जन सामान्य को एकत्रित होने से रोकने के लिए पूरे जिले में पुलिस द्वारा व्यापक पेट्रोलिंग की जाए। बस अड्डों तथा रेलवे स्टेशनों की सघन चेकिंग सुनिश्चित कराई जाए। ठ्ठद्मह्य अप्रैल तक जन सामान्य को अपने घरों पर ही बने रहने के लिए प्रेरित किया जाए श अनावश्यक रूप से कार्यालय आने से रोकने के लिए हतोत्साहित किया जाए। निर्देश में कहा गया कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी व कालाबजारी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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