इस दौरान अकबरपुर कोतवाली के बाहर जमा उसके गुर्गों की भीड़ ने हंगामा भी किया लेकिन पुलिस ने लाठियां भाज कर सबको खदेड़ दिया। गुरुवार को न्यायिक अभिरक्षा में उसे फैजाबाद मंडल कारागार भेज दिया गया। पुलिस कर्मियों कोतवाली के इर्दगिर्द खड़े वाहनों की औचक तलाशी भी लेनी शुरू कर दी।
मालूम हो कि महरुआ थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर निवासी माफिया सरगना अजय सिंह सिपाही को बुधवार दिन में लखनऊ एसटीएफ ने हजरतगंज से गिरफ्तार किया था। जनपद पुलिस को उसकी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण से जुड़े अधिकारियों से रंगदारी मांगने के मामले में तलाश थी।
पुलिस लगातार उसकी घेराबंदी किए हुए थी। उसकी तलाश में कई शहरों में पुलिस टीमे लगाई गईं थीं। एसटीएफ व अन्य को भी इसमें लगाया गया था। इस बीच हजरतगंज में गिरफ्तारी के बाद उसे बुधवार देर रात अंबेडकरनगर लाया गया। रंगदारी का मामला हालांकि महरुआ थाने में दर्ज था, लेकिन सुरक्षा की दृष्टिकोण से उसे अकबरपुर कोतवाली में रखा गया।
गुरुवार सुबह अपर पुलिस अधीक्षक पंकज पांडेय व सीओ सिटी ने थाने पहुंचकर माफिया से सघन पूछताछ की। इस दौरान कोतवाली के बाहर उसके गुर्गों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। कई वाहन भी वहां दिखने लगे। उइन लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया तो कुछ ने हंगामे बाजी शुरू कर दी।
गुर्गो के शोर और हंगामें की सूचना किसी ने एसपी को दी। एसपी पंकज ने तत्काल सीओ सिटी व सीओ भीटी को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अकबरपुर कोतवाली प्रभारी योगेश शाह ने कोतवाली पुलिस व पीएचसी के जवानों के साथ माफिया के गुर्गों लाठियां भांजते हुए दौड़ा लिया। दो चार पीटे भी गए।
जो लोग मौके पर मौजूद मिले, उनकी सघन तलाशी ली गई। इसके बाद वहां खड़े वाहन इधर उधर चले गए। थोड़ी देर बाद ही एसपी भी कोतवाली पहुंचे। वहां आम कैदी की तरह कोतवाली के लाकअप से माफिया को निकालकर एसपी के सामने ले जाया गया, जहां उन्होंने आवश्यक पूछताछ की।
दोपहर बाद कड़ी सुरक्षा के बीच अजय सिपाही को सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में फैजाबाद मंडल कारागार भेजे जाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उसे वज्र वाहन से मंडल कारागार फैजाबाद भेज दिया गया।