इस कार्रवाई के बाद लापरवाही बरतने वाली छह सुपरवाइजरों व 15 अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
पांच वर्ष तक के बच्चों को पुष्टाहार देने एवं उन्हें प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए जिले में दो हजार 448 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की गई है। इन केंद्रों के सुचारु संचालन के लिए 44 सुपरवाइजर, एक हजार 992 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री व एक हजार 992 आंगनबाड़ी सहायिकाओं की तैनाती की गई है।
बीते दिनों जिला मुख्यालय के शहजहांपुर पश्चिमी केंद्र पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री निगार फातिमा द्वारा बच्चों को योजनाओं का समुचित लाभ नहीं दिलाने एवं तीन जनवरी 2015 से केंद्र से नदारद रहने की शिकायत डीएम से की गई थी। डीएम विवेक ने जांच कराई, तो मामला सही पाया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर निगार फातिमा की सेवा समाप्त कर दी गई है। बताया कि निगार ने ड्यूटी से नदारद रहने के दौरान मानदेय नहीं लिया था।
दुर्गेश ने बताया कि इसके अलावा बीते दिनों हुए निरीक्षण में छह सुपरवाइजरों व 15 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की लापरवाही उजागर हुई थी। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। शीघ्र ही इनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।