अंबेडकरनगर। पूर्व ब्लॉक प्रमुख पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी और वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रामविलास सिंह की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
मामला आठ अगस्त 2010 का है। अहिरौली थाना क्षेत्र के बुढ़गौना निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख शेषकुमार वर्मा बाइक से पेट्रोल भरवाने जा रहे थे। आरोप है कि राइस मिल के पास पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में उन्हें तीन गोलियां लगीं और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस जांच में हमले के पीछे भूमि विवाद की बात सामने आई थी। इसके आधार पर पुलिस ने अनिल कुमार सिंह, विवेक वर्मा, अरुणेश वर्मा, ध्रुवसेन सिंह, संदीप सिंह, नितिन सिंह, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही और सोनू सिंह उर्फ अरविंद सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
महरुआ थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर निवासी अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही वर्तमान में वर्ष 2016 के सुल्तानपुर के मंशाराम हत्याकांड में दोषसिद्ध होने के बाद केंद्रीय कारागार बरेली में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाही पूरी होने के बाद आरोपी को उसके खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों पर स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को निर्धारित की गई है।
सीओ नितीश कुमार तिवारी ने बताया कि पेशी के बाद अजय सिपाही को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वापस केंद्रीय कारागार बरेली भेज दिया गया।