अजय ने बीते दिनों ही क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए कटेहरी से नामांकन किया था। उसके विरुद्घ किसी अन्य के नामांकन नही किया। उसकी निगाह इस बार कटेहरी ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर है। माना जा रहा है कि इसी के मद्देनजर राजनैतिक हस्तक्षेप के चलते कारागार स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
मालूम हो कि महरुआ थाना क्षेत्र निवासी माफिया अजय सिंह सिपाही को हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में रंगदारी के मामले में एसटीएफ ने हजरतगंज लखनऊ से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह मंडल कारागार फैजाबाद में निरुद्घ है। अजय सिपाही ने बीते पंचायत चुनाव में ही कटेहरी ब्लाक प्रमुख का चुनाव लडने का मन बनाया था>
प्रशासन के दबाव के चलते ऐसा नहीं हो सका था। इस बार जेल में रहते हुए ही कोर्ट की अनुमति से उसने नरसिंहदासपुर से क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए परचा दाखिल किया है। उसके विरुद्घ किसी ने नामांकन नहीं किया। अजय ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर भी जोड़तोड़ शुरू कर रखी है।
इस बीच बीते 22 सितंबर को महानिरीक्षक कारागार द्वारा शासन को भेजे गए पत्र के आधार पर उसको जिला कारागार अलीगढ़ में स्थानांतरित करने की अनुमति इस शर्त के साथ प्रदान कर दी गई है कि प्राविधानित व्यवस्था के अनुसार विचारण न्यायालयों की पूर्वानुमति प्राप्त कर ली जाए।
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग के सचिव एसके रघुवंशी ने महानिरीक्षक कारागार को 15 अक्तूबर को भेजे पत्र में शासन के इस निर्णय की जानकारी दी है। पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने बताया कि अभी तक उनके सामने यह निर्णय नहीं आया है।