स्वास्थ्य विभाग के एंबुलेंस कर्मियों का संवेदनहीन रवैया सामने आया है। विषाक्त पदार्थ खाने के चलते ट्रॉमा सेंटर रेफर हुए एक युवक की फैजाबाद के मयाबाजार के निकट मौत हो जाने पर एंबुलेंस कर्मचारियों ने आधी रात के बाद शव को वहीं सड़क के किनारे उतार दिया।
पिता व स्थानीय लोगों की तमाम मिन्नत के बाद भी कर्मचारी नहीं पसीजे और वापस अकबरपुर लौट आए। स्थानीय लोगों के सहयोग से शव को मयाबाजार के सरकारी अस्पताल में रखवाया गया।
सोमवार सुबह एक वाहन का प्रबंध कर परिवारीजन शव लेकर अकबरपुर पहुंचे, तो यहां जिला अस्पताल कर्मियों से लेकर अकबरपुर कोतवाली पुलिस तक ने टालमटोल का रवैया अपनाए रखा। बाद में हंगामा देख स्वास्थ्य विभाग व अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया निपटाई।
सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना अन्तर्गत मुरैनी गांव निवासी अमित (28) पुत्र दयाशंकर सिंह चार दिन पहले अकबरपुर थाना अन्तर्गत इमामपुर स्थित अपनी ससुराल आया हुआ था। रविवार देर शाम गांव के बाहर संदिग्धावस्था में बेहोशी की दशा में वह ग्रामीणों को मिला। उसके मुंह से झाग निकल रहा था।
इससे प्रथम दृष्टया ही स्पष्ट हो रहा था कि विषाक्त पदार्थ के चलते इसकी हालत बिगड़ी है। ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। साथ ही अमित के परिवारीजनों को दूरभाष पर घटना की जानकारी दी। रोते-पीटते परिवारीजन जिला अस्पताल पहुंचे।
यहां हालत की गंभीरता को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। उसे एंबुलेंस से लखनऊ ले जाया जा रहा था कि फैजाबाद जनपद के मया बाजार पहुंचने पर रात दो बजे के करीब उसकी मौत हो गई।
एंबुलेंस पर मौजूद दयाशंकर के अनुसार एंबुलेंस कर्मचारियों ने शव आगे ले जाने से इंकार करते हुए सड़क के किनारे उतार दिया। उनके अलावा मयाबाजार के भी कई लोगों ने कर्मचारियों से काफी मिन्नत की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। वे शव को सड़क के किनारे छोड़कर वापस अकबरपुर की तरफ लौट गए।
पिता ने किसी प्रकार शव को स्थानीय लोगों की मदद से मया बाजार स्थित सरकारी अस्पताल में रखवाया और स्वयं गांव चला गया। वहां से परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर मयाबाजार पहुंचा। इसके बाद सोमवार सुबह निजी वाहन से शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। यहां अस्पताल प्रशासन ने शव लेने से इंकार कर दिया।
कहा गया कि रेफर करने के बाद अब इसे नहीं लिया जाएगा। कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई, तो उसने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराकर मेमो लाने का हवाला दिया। परेशान परिवारीजनों ने इस पर अस्पताल में नाराजगी प्रकट करते हुए हंगामा किया, तो पुलिस से लेकर स्वास्थ्य महकमा तक हरकत में आ गया।
आननफानन में आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई। बाद में पहुंची अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के पिता दयाशंकर सिंह ने कहा कि उसके पुत्र को विषाक्त खिलाकर मारा गया है। पुलिस को दी तहरीर में कहा कि दो माह से अमित की पत्नी मायके में रह रही थी।
वह ससुराल आने को तैयार नहीं हो रही थी। चार दिन पहले अमित उसे ससुराल ले जाने के लिए गया हुआ था। उसका किसी बात को लेकर पत्नी से विवाद हो गया। इस पर ससुरालीजनों ने उसे विषाक्त पदार्थ खिलाकर मार दिया।
उधर मृतक की पत्नी व सास ने कहा कि अमित ने खुद ही विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। उसके साथ किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था। सीओ सिटी राघवेंद्र मिश्र ने बताया कि जिला अस्पताल से सूचना मिलने के बाद कोतवाली की पुलिस टीम तत्काल जिला अस्पताल पहुंची और आवश्यक कागजी प्रक्रिया निपटाने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
सीएमएस डॉ. केएस पांडेय ने बताया कि जिला अस्पताल से युवक को रेफर किया गया था। उसे दोबारा भर्ती करने का कोई मामला नहीं था। शव आने के बाद कोतवाली पुलिस को सूचित कर दिया गया था।