कहीं ग्रामीणों ने खुद आवागमन के लिए चंदे से पुलिया बना ली है, तो कहीं बांस व बल्ली के सहारे आवागमन किया जा रहा है। इससे प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों की जान जोखिम में बनी रहती है, लेकिन प्रशासन व शासन को ऐसे स्थानों पर समुचित आवागमन के लिए पुलिया निर्माण की सुध नहीं है।
जिले में पुल व पुलियों का निर्माण तो हुआ लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। तमसा, मड़हा, बिसुही समेत सरयू जैसी बड़ी नदी का क्षेत्र होने के साथ ही यहां पर एक दर्जन बड़े नाले हैं, जबकि छोटे बड़े मिलाकर इनकी संख्या दर्जनों में है।
इनमें से ज्यादातर जगहों पर पुल भी बने हैं, लेकिन इन सब के बाद कई जगहों पर लोगों को मुसीबतों से निजात नहीं मिल पायी है। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार तमसा नदी पर प्रशासन व शासन की उपेक्षा के बीच लगभग एक दशक पूर्व उर्दू बाजार से मंगुराडिला गांव को जोडने के लिए ग्रामीणों ने जनसहयोग से एक पुल का निर्माण किया था।
जलालपुर नगर से न्यौरी रोड पर जाने के लिए यह पुल लोगों के लिए शार्टकट मार्ग का काम करता है। स्थानीय जरूरतों के लिए भी दोनों तरफ के लोग इस पुल का प्रयोग करते रहते हैं। पुल की एक तरफ की रेलिंग टूट चुकी है। चंदे से बना होने के कारण यह पुल पहले से ही सकरा था।
रेलिंग टूटी होने की वजह से अब इस पुल से आवागमन में खासी कठिनाई उत्पन्न होती है। जरा सी आसावधानी पर इस पुल से नीचे गिरने का खतरा बना रहता है। गाहे बगाहे लोग इसमें गिरते भी रहते हैं। गनीमत यह कि पानी ज्यादा नहीं रहता, नहीं तो जान का संकट ज्यादा उत्पन्न हो जाए।
लम्बे समय से यहां स्थायी व बेहतर पुल की मांग चली आ रही है, लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुल से होकर सैकड़ों लोगों का आवागमन होता रहता है। जिससे उनके सामने प्रतिदिन इस पुल पर जोखिम की स्थिति बनी रहती है।
अकबरपुर नगर से सटे मिर्जापुर गांव में तमसा नदी में जाने वाले एक नाले पर पुल न बने होने की वजह से ग्रामीणों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में ग्रामीणों का आवागमन इधर से लगभग ठप पड़ जाता है। उन्हें लगभग तीन किलोमीटर दूर घूम कर अकबरपुर नगर जाना पड़ता है।
नाले पर छोटा पुल भी बन जाए तो ग्रामीणों को खासी आसानी होगी। ग्रामीण जयराम व पियारे ने बताया कि पूर्व में ग्राम प्रधान ने अस्थायी पुल बनवाया था, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया है। पानी कम रहने पर ग्रामीण नाले से होकर गुजर जाते हैं, लेकिन पानी बढने पर इधर से आवागमन ठप हो जाता है।
अकबरपुर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत मरथुआ सरैया में स्थित नाले पर दो पुलिया की दरकार बनी हुई है। सतरही गांव से प्रहलादपट्टी को जोडने वाले मार्ग पर ग्रामीण लम्बे समय से पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसी मार्ग से सतरही के अलावा दर्जनों गांव के ग्रामीण अन्नावां बाजार जाने के लिए इसी मार्ग से आवागमन करते हैं।
नाले में पानी आ जाने से आवागमन ठप हो जाता है। इससे ग्रामीणों को 5 से 7 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। यही हाल झलरिया से पचड़वा संपर्क मार्ग को जोडने वाले मार्ग का है। इस मार्ग में भी नाला झलरिया गांव से ऱ्कुछ दूरी पर पड़ता है।
यहां पर ग्रामीणों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत साइफन लगा रखा है। जिससे होकर लोग गुजरते हैं। प्रशासन का ध्यान यहां भी पुलिया निर्माण की तरफ नहीं जा रहा है।