अंबेडकरनगर। पिछले तीन वर्षों में हुए सड़क हादसों को संज्ञान में लेते हुए परिवहन विभाग, पुलिस और लोक निर्माण विभाग ने 10 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। यह ब्लैक स्पॉट पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से लेकर नेशनल व स्टेट हाईवे पर हैं। इनमें सुधार करते हुए सड़क हादसों को रोकने के लिए कवायद तो कई बार की गई, लेकिन हकीकत में यह प्रयास सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर रह गए।
चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर न तो दुर्घटना बाहुल्य स्थान के बोर्ड लगे हैं और न ही स्पीड ब्रेकर बना है। ऐसे में आए दिन यहां हादसे हो रहे हैं और लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में लगातार लिए जाने वाले फैसलों का भी असर नहीं दिख रहा है। अमर उजाला ने शहर व अन्य क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट की पड़ताल कराई तो यहां उपाय की जगह सिर्फ खामियां ही खामियां नजर आईं।
जिले के प्रमुख ब्लैकस्पॉट, तीन वर्षों में हुए हादसे, मृतक व घायल
गोहन्ना चौराहा अकबरपुर (एनएच 128)- 7- 4- 3
शहजादपुर अकबरपुर (एनएच 135)- 6- 1- 6
कश्मीरिया चौराहा टांडा (एनएच 128)- 5- 3- 2
पुंथर टांडा (एनएच 233)- 5- 4- 1
एआरटीओ दफ्तर के सामने बसखारी रोड (एसएच)- 6- 5- 1
पलईरामनगर सम्मनपुर (एसएच) - 7- 5- 3
पटेल नगर तिराहा अकबरपुर (एसएच)- 5- 4- 4
मसादा बाजार बसखारी (एसएच)- 5- 3- 2
खानपुर मउहरिया सम्मोपुर बाईपास- 8- 7- 3
रामपुर साकरवारी बेवाना- 5- 5- 1
केस एक
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सड़क दुर्घटनाओं को लेकर अकबरपुर का गोहन्ना चौराहा ब्लैक स्पॉट घोषित कर रखा है, लेकिन लोगों के बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस मार्ग पर आएदिन हादसे होते हैं। कहीं भी चेतावनी का बोर्ड तक नहीं लगा है।
केस दो
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शहजादपुर तिराहा
अकबरपुर का शहजादपुर तिराहा नगर की प्रमुख सड़क होने के कारण इस सड़क पर भीड़ रहती है। इसी मार्ग पर मुख्य बाजार भी पड़ती है। तीन साल में यहां आधा दर्जन हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुधार का कार्य सिर्फ कागजों पर ही सीमित है।
केस तीन
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कश्मीरिया चौराहा
कस्बा टांडा की धड़कन माने जाने वाले कश्मीरिया चौराहा से कई प्रमुख मार्गों को जाने के लिए साधन मिलते हैं। पुलिस बूथ भी है। प्रशासन ने यहां पर ब्लैक स्पॉट घाेषित कर रखा है, यहां पर अतिक्रमण अधिक है, जिससे आए दिन होते रहते हैं।
केस चार
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पुंथर से एनएच 23
टांडा तहसील के पुंथर से एनएच 233 वाराणसी, बस्ती, टांडा गुजरा है। तीन अन्य तरफ से भी लोगों का आवागमन होता है। यहां न तो स्पीड ब्रेकर बने हैं और न ही संकेतक लगाए गए हैं। ऐसे में आए दिन हादसों के बावजूद कोई पुरसाहाल नहीं है।
वर्जन
होंगे सुधारात्मक कार्य
ब्लैक स्पॉट में सुधार के लिए प्रक्रिया चल रही है। करीब तीन लाख रुपये का बजट भी प्राप्त हुआ, जिससे लोक निर्माण विभाग सुधारात्मक कार्य कराएगा। जल्द ही बैठक कर ब्लैक स्पॉट दुरुस्त कराए जाएंगे।
- सत्येंद्र कुमार यादव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी