आलापुर। एकतरफा कार्रवाई से नाराज संदहा मजगवा गांव के ग्रामीणों ने एसडीएम को संबोधित पत्र तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव को सौंपा। कहा गया कि पहले नहर का पानी तालाब में कटवा देने से उनकी फसल नष्ट हो गई। इसके बाद उल्टे ग्रामीणों के विरुद्ध केस भी दर्ज कर लिया गया। इस तरह की मनमानी से ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। दर्ज केस को अविलंब निरस्त किया जाए।
मामला आलापुर तहसील क्षेत्र के सन्दहा मजगवा का है। एक तरफा कार्रवाई से नाराज गुरुवार को गांव निवासी सर्वेश कुमार, रामदत्त, नीरज, शब्बीर, दिवाकर, अरबाज आदि तहसील पहुंच गए। एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार को ज्ञापन सौंप ग्रामीणों के विरुद्ध अवैध ढंग से दर्ज केस को निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव स्थित तालाब, जिसका रकबा 284 बीघा है। तालाब का पट्टा मत्स्यजीवी सहकारी समिति बुकिया के एक व्यक्ति के पक्ष में हुआ है। बीते दिनों उक्त तालाब में नहर का पानी अवैध रूप से खोल दिया गया। इससे आसपास के तमाम किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। बाद में जब ग्रामीणों ने इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराया तो मत्स्य समिति की आड़ में काम कर रहे कुछ लोग मारपीट पर उतारू हो गए।
इतना ही नहीं बीते दिनों समिति से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा मनगढ़ंत ढंग से ग्रामीणों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया गया। जो सरासर गलत है। पहले तो उनकी फसल को बर्बाद कर दिया गया अब उल्टे कार्रवाई भी कराई जा रही है। इस तरह की मनमानी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने मांग किया कि मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तय किया जाए। साथ ही ग्रामीणों के विरुद्ध दर्ज फर्जी केस निरस्त किया जाए। तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव ने बताया कि मामले में शिकायती पत्र मिला है। आवश्यक जांच पड़ताल कराई जा रही है।