अंबेडकरनगर। मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने व इसमें लिप्त दुकानदारों पर कार्रवाई को लेकर खाद्य संरक्षण एवं औषधि प्रशासन की टीम ने महज औपचारिकता ही निभाती है। किसी भी त्योहार के पहले जांच अभियान तो चलता है, लेकिन वह सिर्फ छोटी दुकानों तक ही सीमित रहता है। नतीजा यह है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश नहीं लग पा रही है। होली नजदीक है तो यह सिलसिल एक बार फिर से शुरू हुआ है, लेकिन चलता यह पुरानी लकीर पर ही दिख रहा है।
होली का पर्व नजदीक है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जहां मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री जोरों पर शुरू हो गई है, वहीं दूसरे जनपद से मिलावटी मावा की खेप का जिले में चोरी छिपे पहुंचना भी शुरू हो गया है। किसी भी पर्व के निकट आने पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री में तेजी आ जाती है। इन पर अंकुश पाने के लिए खाद्य संरक्षण एवं औषधि प्रशासन की टीम महज औपचारिकता ही निभाती है। जांच के लिए अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन वह छोटे दुकानदारों तक ही रहता है। आमतौर पर बड़ी दुकानों पर छापा नहीं मारा जाता। इसका नतीजा है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
हालांकि खाद्य संरक्षण एवं औषधि प्रशासन विभाग मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने और इसमें लिप्त दुकानदारों पर कार्रवाई को लेकर बढ़ चढ़कर दावे करता है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके पांडेय के अनुसार जनवरी 2019 से अक्तूबर 2019 तक चले अभियान में छापा मारकर कुल 1,850 नमूने लिए गए। इसमें दूध व मावा के नमूने अधिक थे।
जांच के बाद 1,100 नमूने अधोमानक मिले। संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध न्याय निर्णायक अधिकारी/एडीएम न्यायालय में परिवार दायर किया गया। 55 से अधिक दुकानदारों से लगभग डेढ़ लाख रुपये जुर्माना भी वसूला गया। जिला अभिहीत अधिकारी राजवंश प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर जांच अभियान चलाया जाता है। कहा, होली के मद्देनजर जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र के निर्देश पर सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया है।