अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट पर शनिवार को मांगों को लेकर प्रदर्शन करते प्रेरक।
- फोटो : अमर उजाला
वेतन विसंगति व कार्य की स्थिति स्पष्ट करने की मांग को लेकर शनिवार को परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा प्रेरकों ने प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन पर उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उनके हितों को लेकर गंभीर नहीं है। इसके चलते ही उन्हें तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष राहुल पांडेय की अगुवाई में एकजुट हुए प्रेरकों ने सरकार से शिक्षा प्रेरकों का कार्य परिभाषित करने की मांग की। कहा कि उन्हें जल्द से जल्द प्रशिक्षित कराया जाए। प्रेरकों ने निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए सहायक सामग्रियां उपलब्ध कराने, प्रेरकों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 16 हजार रुपये किए जाने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि उन्हें मनरेगा मजदूरों से भी कम मानदेय दिया जा रहा है, जो अनुचित है। रामउजागिर ने प्रेरकों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। प्रेरकों ने मई माह के मानदेय में होने वाली कटौती के विरुद्घ भी आवाज उठाई।
कहा कि अन्य कर्मचारियों की भांति उन्हें भी मई माह का पूरा मानदेय दिया जाए। महिला प्रेरकों को मातृत्व अवकाश देने के लिए भी मांग की। बाद में अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस मौके पर कृष्ण कुमार, सुमन, चंद्रधर, कृष्ण वर्मा, केदारनाथ व कंहैया आदि मौजूद रहे।