अंबेडकरनगर। बेवाना क्षेत्र के करीब आठ वर्ष पुराने पॉक्सो एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार ने अकबरपुर के कदियापुर निवासी हरजीत को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। कोर्ट ने वादी के खिलाफ नोटिस का आदेश भी दिया है।
बेवाना की एक महिला ने 16 नवंबर 2018 को एसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि 24 सितंबर 2018 को हरजीत उनकी 14 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया। शादी का झांसा देकर आरोपी ने दुष्कर्म किया और बाद में देह व्यापार के लिए उसे बेचने की कोशिश की। इसके बाद 17 नवंबर 2018 को एफआईआर दर्ज हुई। कोर्ट ने कहा कि घटना और एफआईआर के बीच 54 दिन की देरी का अभियोजन संतोषजनक कारण नहीं बता सका। सुनवाई के दौरान मामले की सबसे महत्वपूर्ण गवाह पीड़िता ने कोर्ट में कहा कि आरोपी उसे अहमदाबाद नहीं ले गया था और उसके साथ कोई जबरदस्ती या गलत काम नहीं हुआ।
उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान को पुलिस दबाव में दिया गया बताया। वहीं, उसकी मां ने स्वीकार किया कि उसने आरोपी को बेटी के साथ जाते नहीं देखा था और संदेह के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कोर्ट में यह भी सामने आया कि आरोपी और पीड़िता ने विवाह कर लिया है और अब उन्हें इसपर कोई आपत्ति नहीं है। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में हरजीत को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।