अंबेडकरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म व हत्या मामले में आरोपी राहुल उर्फ पंकज की आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध प्रथम दृष्ट्या पर्याप्त आधार मौजूद हैं। ऐसे में उसे मुकदमे से अलग नहीं किया जा सकता।
वर्ष 2023 में किशोरी के लापता होने पर अज्ञात के विरुद्ध अपहरण की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। बाद में किशोरी का शव मिलने के बाद विवेचना के दौरान हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक षड्यंत्र, सामूहिक दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं और आरोपी राहुल उर्फ पंकज सहित अन्य के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
आरोपी की ओर से न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर कहा गया था कि उसका घटना से कोई संबंध नहीं है। विवेचना में उसके विरुद्ध प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं। इस आधार पर उसे आरोपमुक्त किए जाने की मांग की गई थी। अभियोजन पक्ष ने इस प्रार्थना का विरोध करते हुए कहा कि विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्य, गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विशेषज्ञ रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट तथा अन्य सामग्री आरोपी की संलिप्तता की प्रथम दृष्ट्या पुष्टि करती है। इसलिए आरोपमुक्त करने का कोई आधार नहीं बनता।
दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश ने पाया कि आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, इसलिए उसे आरोपमुक्त नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने आरोपी राहुल उर्फ पंकज की अर्जी निरस्त करते हुए मामले में आरोप तय करने के लिए सात जुलाई की तिथि निर्धारित की है।