जलालपुर (अंबेडकरनगर)। भूमि विवाद में पैमाइश करने के नाम पर ग्रामीण से चार हजार रुपये रिश्वत लेते लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को तहसील परिसर से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम के पहुंचते ही लेखपाल ने भागने की कोशिश की लेकिन उसे पकड़ लिया गया। वहां से मालीपुर थाने लाकर एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक ने केस दर्ज कराया है।
अकबरपुर तहसील के लेखपाल संघ अध्यक्ष रूपेश यादव की डेढ़ माह पहले रिश्वत लेते हुई गिरफ्तारी के बाद एक और लेखपाल घूस लेते पकड़ लिया गया। शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अयोध्या टीम प्रभारी रायसाहब द्विवेदी पुलिस कर्मियों के साथ बुधवार दोपहर डेढ़ बजे करीब जलालपुर तहसील पहुंचे। वहां पहले से ही मौजूद ग्रामीण महावीर वर्मा ने जैसे ही इटौरी क्षेत्र के लेखपाल रामजस को चार हजार रुपये घूस दिया तभी वहां टीम पहुंच गई।
परिचय देते ही लेखपाल भागने लगा। इस पर एंटी करप्शन टीम ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद सख्ती बरतते हुए उसे तहसील परिसर के ठीक सामने खड़ी गाड़ी में बिठाकर जलालपुर कोतवाली के बजाय मालीपुर थाने ले जाया गया, क्योंकि लेखपाल की तैनाती उसी क्षेत्र में थी। शिकायतकर्ता भी मालीपुर का ही है। थाने में इंस्पेक्टर रायसाहब की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया। इसके बाद आरोपी लेखपाल को लॉकअप में डाल दिया गया। वहां से उसे अब गोरखपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
यह था पूरा मामला
मालीपुर थाना क्षेत्र के श्यामपुर दरियापुर गांव निवासी महावीर वर्मा का कहना था कि उनकी बैनामायुक्त भूमि पर गांव के ही एक व्यक्ति ने अतिक्रमण कर रखा है। बीते दिनों लेखपाल रामजस ने दस हजार रुपये लिए थे। राजस्व टीम गांव पहुंची, पैमाइश कराकर अतिक्रमणमुक्त कराया लेकिन टीम के वापस जाते ही अतिक्रमणकर्ता ने फिर से कब्जा कर लिया। महावीर ने अधिकारियों से इसकी शिकायत की। लेखपाल ने इस पर फिर से पैमाइश करने तथा अच्छी रिपोर्ट लगाने के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी। ऐसा न करने पर वह पैमाइश के लिए तैयार नहीं हो रहा था। इस पर महावीर ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत कर दी थी।