अंबेडकरनगर। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान सुस्त है। एक वर्ष में केवल 28 हजार मीटर ही लगाए जा सके हैं। मीटर लगाने के लिए नामित संस्था के कर्मचारी कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं।
जिले के 42 उपकेंद्रों के माध्यम से 23 लाख आबादी के हर घर तक बिजली आपूर्ति पहुंचाई जा रही है। हर माह औसतन 90 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होती है। इसके सापेक्ष बिजली बिल की वसूली 40 प्रतिशत ही हो पाती है। लाइन लाॅस कम करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत बिजली सुधार के कार्य बिजली विभाग ने कराए हैं। वर्ष 2024 में 3.52 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरू हुई थी। नामित संस्था ने अब तक अकबरपुर में 18500, टांडा में 2500, आलापुर में 3600 और जलालपुर में 3300 घरों में ही स्मार्ट मीटर लगाएं हैं। मीटर में आर्मर्ड केबल ही लगाना है, लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के घरों में बिना आर्मर्ड केबल के ही मीटर लगा दिए गए हैं।
-
अभियान तेज किया जाएगा
स्मार्ट मीटर तेजी से लगाने के निर्देश नामित संस्था को दिए गए हैं। अब तक 28 हजार मीटर लगाए जा चुके हैं। आर्मर्ड केबल पर ही मीटर लगाए जाने हैं। अभियान को तेज करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार, एक्सईएन मीटर