छात्रा की मौत के बाद मालीपुर चौराहे पर प्रदर्शन करते परिवारीजन व स्थानीय लोग।
जलालपुर। मालीपुर में महारानी गीता देवी इंटर कॉलेज के सामने बुधवार दोपहर साइकिल से सड़क पार कर रही आठवीं की छात्रा को डंपर ने कुचल दिया। हादसे में घटनास्थल पर ही छात्रा की मौत हो गई। गुस्साई भीड़ ने हादसे के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए मालीपुर चौराहे पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे बाद डीआईओएस पहुंचे और उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। पीड़ित परिवार को 10 लाख का चेक भी दिया गया।
मालीपुर थानाक्षेत्र के भीसवा चितौना की दृष्टि (13) मालीपुर चौराहा स्थित महारानी गीता देवी इंटर कॉलेज में कक्षा आठ की छात्रा थी। दोपहर में छुट्टी के बाद वह साइकिल से घर के लिए निकली थी। अकबरपुर-मालीपुर सड़क पर पहुंचते ही शाहगंज की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने छात्रा को टक्कर मार दी। वह साइकिल सहित उछलकर सड़क पर दूर जा गिरी। इसी बीच डंपर का पहिया उसके सिर के ऊपर से निकल गया। हादसा से आक्रोशित हो गए और छात्रा का शव मालीपुर चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। इस बीच छात्रा के परिवारीजन भी वहां पहुंच गए। उन्होंने विद्यालय प्रशासन के ऊपर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि छुट्टी के समय बच्चों को सुरक्षित सड़क पार कराने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की है, जिसका पालन नहीं हो रहा है। एसडीएम पवन जायसवाल और सीओ अनूप कुमार सिंह ने परिजनों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन लोग स्कूल प्रशासन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर डटे रहे। इस बीच मालीपुर चौराहे से अकबरपुर रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
शाम करीब पांच बजे डीआईओएस गिरीश सिंह मालीपुर पहुंचे, विद्यालय प्रबंधक सदानंद शुक्ल से बात की। उनके परिवारीजन को सदानंद शुक्ल से 10 लाख का चेक दिलाया गया। डीआईओएस से बातचीत के बाद भीड़ चौराहे से हटी और छात्रा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस बीच पुलिस ने अकबरपुर कोतवाली के मरैला के पास डंपर चालक को मय वाहन पकड़ लिया।
बाइकों की टक्कर में आईटीआई
छात्र की मौत
अंबेडकरनगर। अकबरपुर कोतवाली के बनगांव डिहवा के पास मंगलवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार आईटीआई छात्र की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक अलीगंज के मोकमपुर देवघाट निवासी कुलदीप (19) शाम को अपनी बुआ के घर से लौट रहा था। बनगांव डिहवा के पास सामने से आर रहे बाइक सवार से वह टकरा गया। हादसे में कुलदीप के हेलमेट का लॉक खुल गया, जिस कारण सड़क पर गिरते ही उसके सिर पर गहरी चोटें लग गईं। जिला अस्पताल से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद कुलदीप को लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। कुलदीप तीन भाई बहनों लक्की (9), राज (7) और बहन जानवी (3) में सबसे बड़ा था।
अफसर बनना चाहता था कुलदीप : कुलदीप के पिता निरंजन मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि बेटा कुलदीप पढ़ने में बहुत होनहार था। इंटर की पढ़ाई में अच्छे अंक लाने के बाद अपनी ननिहाल गोपालपुर में जाकर आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था। कुलदीप अफसर बनना चाहता था।