अंबेडकरनगर। अंतरप्रांतीय गांजा तस्कर गिरोह का सरगना राहुल वर्मा और उसका साथी अर्जुन वर्मा पुलिस की तीन टीमों को पांच दिनों से लगातार छका रहा है। उसकी लोकेशन गैर-जनपदों में मिल रही है।
पुलिस की टीमें लखनऊ, अयोध्या, सुलतानपुर, बाराबंकी समेत अन्य जनपदों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक उन्हें सफलता नहीं मिली है। हालांकि, पुलिस सफलता को लेकर आश्वस्त है। पुलिस को आशंका है कि गांजा तस्करों के तार नेपाल और बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय तस्करों से भी जुड़े हो सकते हैं।
इस आशंका की पुष्टि गिरोह के सरगना राहुल वर्मा के विरुद्ध चार वर्ष पूर्व उड़ीसा के कालाहांडी जिले के कैसिगा थाने में दर्ज एनडीपीएस और वाहन चालक संदीप कुमार राजभर पर बिहार में दर्ज आबकारी एक्ट के मुकदमे से होती है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह सोनौली बॉर्डर के रास्ते नेपाल से, पश्चिमी बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तथा प्रयागराज के रास्ते मध्य प्रदेश से गांजा की तस्करी करता है। पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ में भी ऐसे संकेत मिले हैं।
पुलिस की सक्रियता और आगे की कार्रवाई : तस्करों के गठजोड़ को तोड़ने के लिए पुलिस की खुफिया व तकनीकी टीमें हर पहलू की जांच करने में जुटी हैं। गांजे की खेप मध्य प्रदेश से मंगाई गई थी। ऐसे में पुलिस एमपी के साथ ही उड़ीसा, बिहार व नेपाल बॉर्डर की पुलिस की मदद से साक्ष्य जुटाने में जुटी है। इस गिरोह में अन्य प्रांतों के अलावा सूबे के भी कुछ लोगों के शामिल होने की आशंका है, हालांकि इसकी कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस को सरगना की तलाश है।