जहांगीरगंज। रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जल्लापुर में जन आरोग्य मेले का आयोजन बिना चिकित्सक के हुआ। यहां चिकित्सक की तैनाती नहीं थी, फिर भी यहां मेला आयोजित किया गया। वहीं सीएमओ ने कहा कि मामले की जांच कराएंगे
रविवार दोपहर करीब 12 बजे संवाद टीम के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर स्थिति साफ तौर पर सामने आई। मेले में फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार, लैब टेक्नीशियन शरद यादव, स्टाफ नर्स उमा देवी और प्रीति यादव, वार्ड बॉय जगन्नाथ व स्वीपर राजकुमार मौजूद मिले,, जबकि इलाज के लिए कोई चिकित्सक नहीं था। मौके पर मरीज भी नहीं दिखे, हालांकि कर्मचारियों के अनुसार, पांच मरीजों को दवा दी गई। स्वास्थ्य केंद्र पर जांच के नाम पर केवल शुगर जांच की मशीन उपलब्ध है। अन्य आवश्यक जांच उपकरण न होने के कारण मरीजों की समुचित जांच नहीं हो पाती। सीएमओ डॉ. संजय सैवाल ने बताया कि चिकित्सक की कमी के कारण यह स्थिति बनी होगी। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का वेतन रोका गया
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अंबेडकरनगर। सीएमओ ने रविवार को पीएचसी मालीपुर, धमरुआ और ताराखुर्द का निरीक्षण किया। उन्होंने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान पीएचसी ताराखुर्द में दो एएनएम और एक सीएचओ ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए और स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की चेतावनी दी है।
1607 मरीजों ने मेले में कराया पंजीकरण
अंबेडकरनगर। जिले के 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला आयोजित किया गया, जिसमें 1607 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। इसमें 112 बच्चे भी शामिल थे। 16 मरीजों को उनकी स्थिति के आधार पर उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर किया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत 102 पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। मेला में मधुमेह से 71, लिवर रोग से 70, गैस्ट्रो से 62 और त्वचा रोग से 41 मरीज पहुंचे। अन्य सामान्य बीमारियों के मरीजों का भी परीक्षण किया गया और आवश्यक दवाएं दी गई।