अकबरपुर के मीरानपुर स्थित शाही इमामबाड़े से निकलता ऐतिहासिक दो मुहर्रम का जुलूस। स्रोत स्थानीय
अंबेडकरनगर। मुहर्रम के दूसरे दिन बृहस्पतिवार देर रात अकबरपुर के मीरानपुर स्थित शाही इमामबाड़े से या हुसैन की सदाओं के बीच पूर्वांचल का ऐतिहासिक जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। अंजुमन अकबरिया रजिस्टर्ड के तत्वावधान में आयोजित इस जुलूस में अलम, दुलदुल और अमारियों की जियारत के लिए अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा, जिसने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया।
लगभग रात 10 बजे शुरू हुआ यह ऐतिहासिक जुलूस अपने निर्धारित पारंपरिक मार्गों से गुजरते हुए शुक्रवार सुबह अयोध्या मार्ग स्थित रोजा-ए-फात्मान कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ। इस अवसर पर अकबरपुर, बल्कि अयोध्या, सुल्तानपुर, टांडा, जलालपुर और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस में अंजुमन जुल्फकारिया खासपुर, अंजुमन अब्बासिया सकरावल टांडा, अंजुमन रौनक-ए-इस्लाम जलालपुर, अंजुमन हुसैनिया सुल्तानपुर और अंजुमन हुसैनिया सहित कई प्रमुख अंजुमनों ने शिरकत की और नौहा व मातम पेश किया।
रोजा-ए-फात्मान कर्बला में मौलाना मोहम्मद जुहैर द्वारा तकरीर पेश करने के साथ जुलूस का समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने अलम, दुलदुल व अमारी की जियारत कर फूलों की चादरें पेश कीं और मन्नतें मांगीं। या हुसैन, या अब्बास और या सकीना के नारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा। भीषण गर्मी को देखते हुए जुलूस के मार्ग में जगह-जगह शर्बत और शीतल पेयजल की सबीलें लगाई गईं। प्रशासन ने भी जुलूस की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। एसडीएम प्रतीक्षा सिंह और सीओ नितीश तिवारी के साथ पुलिस व यातायात विभाग की टीमें पूरी रात मुस्तैद रहीं।