आलापुर तहसील क्षेत्र में बाढ़ के पानी के बीच से गुजरता ग्रामीण।
अंबेडकरनगर। सरयू नदी की उफान ने आलापुर तहसील क्षेत्र के मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा के लगभग एक दर्जन गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। अब तक 50 बीघा से अधिक धान की फसल जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का अंदेशा है। बाढ़ के पानी से कच्चे रास्ते डूब गए हैं, जिससे ग्रामीणों का आवागमन कठिन हो गया है।
शनिवार को एसडीएम सुभाष सिंह धामी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया और किसानों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जल्द ही क्षति का सर्वे कराया जाएगा, ताकि राहत कार्य समय पर शुरू हो सके। मांझा कम्हरिया के कल्लू का पूरा, नौका पूरा, सत्यनारायण का पूरा, पटपरवा, सिद्धनाथ, निषाद और दलित बस्तियों सहित कई मजरे बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिरे हैं। आराजी देवारा के करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कूर्मी का पूरा और हंसू का पूरा गांवों के निचले हिस्सों में पानी भर गया है। ग्रामीण राजेश और संतराम ने बताया कि बीते दो दिनों में गांवों में जहरीले सांपों की आमद बढ़ गई है, जिससे भय और भी गहरा गया है।
विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)।टांडा क्षेत्र के उल्टहवा, माझा अवसानपुर, केवटला, डुहियां और महरीपुर गांवों तक सरयू का पानी पहुंच गया है। कई खेत और पगडंडियां जलमग्न हो गई हैं। नदी से जुड़े करीब छह नाले उफान पर हैं। तहसीलदार निखिलेश कुमार ने बताया कि अभी तक किसी गांव में पानी नहीं घुसा है, लेकिन प्रशासन सतर्क है और लगातार निगरानी कर रहा है।