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Ambedkar Nagar News: गहरी दोस्ती के बीच कॉलेज प्रबंधन के विवाद ने रखी थी हत्या की नींव

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मृतक मोहम्मद अयाज के भाई मोहम्मद जावेद। संवाद
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अंबेडकरनगर। टांडा के कौमी इंटर कॉलेज का प्रबंधकीय विवाद कभी गहरी दोस्ती रखने वाले सपा नेता मोहम्मद अयाज उर्फ गुल्लू और संस्थापक परिवार के सदस्य उबैदुर्रहमान के रिश्ते में दरार की वजह बन गया। विवाद बढ़ने के बाद 16 मई 2019 की रात उबैदुर्रहमान ने अयाज की गोली मारकर हत्या कर दी। मामले में अदालत ने उबैदुर्रहमान को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। उबैदुर्रहमान टांडा कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर भी है।
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कौमी इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1946 में स्व. हाजी हयात मोहम्मद ने की थी। हाईस्कूल तक यह विद्यालय सरकार से सहायता प्राप्त है। हयात मोहम्मद के बाद उनके पुत्र मेराज अहमद ने प्रबंधक की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2018-19 में प्रबंधकीय कमेटी को लेकर विवाद शुरू हुआ। मेराज अहमद को पद से हटाने के लिए दूसरा गुट सक्रिय हुआ। नैपुरा निवासी इम्तियाज अहमद ने प्रबंधक पद के लिए दावेदारी की। मोहम्मद अयाज इम्तियाज के समर्थन में थे।
बताया जाता है कि अयाज और उबैदुर्रहमान के बीच पहले से दोस्ती थी। उबैदुर्रहमान ने अयाज को दोस्ती का वास्ता देकर प्रबंधकीय विवाद से दूर रहने को कहा था, लेकिन अयाज के इम्तियाज के समर्थन में बने रहने से विवाद बढ़ता गया। घटना से करीब छह दिन पहले दोनों के बीच हाथापाई भी हुई थी। इसके बाद 16 मई की रात अयाज की हत्या कर दी गई। वारदात में नौ एमएम पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। मौके से तीन खोखे भी बरामद हुए थे।
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हत्या के बाद वर्ष 2019 में इम्तियाज अहमद कॉलेज के प्रबंधक बने। वर्ष 2022 में मोहम्मद हाकिम ने प्रबंधक पद संभाला। वहीं, उबैदुर्रहमान और उसके परिवार के सदस्यों ने प्रबंधन पर दोबारा कब्जे के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश पर लेखाधिकारी की देखरेख में प्रबंधन समिति का चुनाव हुआ। इसमें उबैदुर्रहमान दोबारा प्रबंधक बने, लेकिन बाद में उन्होंने पद छोड़कर अपने भाई अजीजुर्रहमान को जिम्मेदारी सौंप दी। वर्तमान में कॉलेज का संचालन अजीजुर्रहमान कर रहे हैं।
अयाज की हत्या के बाद बदली सियासत
मोहम्मद अयाज उर्फ गुल्लू समाजवादी पार्टी में सक्रिय थे। वर्ष 2017 के निकाय चुनाव में उन्होंने पत्नी शबाना नाज को निर्दलीय अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतारा था। हालांकि वह सपा प्रत्याशी नसीम रेहाना अंसारी से चुनाव हार गई थीं। अयाज की हत्या के बाद वर्ष 2023 में शबाना नाज ने दोबारा चुनाव लड़ा। इस बार उन्हें क्षेत्र में सहानुभूति मिली और वह नगर पालिका टांडा की अध्यक्ष चुनी गईं। हत्या के समय अयाज के दोनों बच्चे अनाया फातिमा और अहमद जोहान काफी छोटे थे। अयाज के भाई मोहम्मद परवेज, मोहम्मद नदीम और अन्य परिजनों ने न्याय के लिए वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ी।
लोकसभा चुनाव और रमजान के बीच वारदात से गर्माया था माहौल
अयाज की हत्या 16 मई 2019 की रात हुई थी। उस समय लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके थे और रमजान का महीना चल रहा था। घटना के बाद टांडा में माहौल गर्म हो गया था। तत्कालीन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति संभाली। घटना के कुछ समय बाद ही मुख्य आरोपी उबैदुर्रहमान को जिला अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया गया था। बताया गया कि घटना के बाद उबैदुर्रहमान अयाज को देखने के लिए अस्पताल पहुंचा था और खुद को घटनाक्रम से अनजान बता रहा था। हालांकि अयाज पुलिस को घटना के संबंध में बयान दे चुके थे। इसके अलावा उबैदुर्रहमान का नाम अन्य मामलों में भी सामने आया था, जिसके आधार पर उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी।
‘मुझे और मेरे परिवार को इंसाफ मिला’
नगर पालिका टांडा की चेयरमैन शबाना नाज ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को इंसाफ मिला है। उनके बच्चों के सिर से पिता का साया उठाने वाले उबैदुर्रहमान को न्यायालय ने सजा सुनाई है। मोहम्मद जावेद ने कहा कि भाई के हत्यारे को सजा दिलाने के लिए परिवार ने कोई कसर नहीं छोड़ी। न्यायालय का फैसला सराहनीय है।

मृतक मोहम्मद अयाज के भाई मोहम्मद जावेद। संवाद

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