जाफराबाद स्थित मस्जिद में नमाज के दौरान शिया मुस्लिम समुदाय के लोग।
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। नगर क्षेत्र में रविवार को ईद-ए-गदीर का पर्व शिया समुदाय ने आस्था और अकीदत के साथ मनाया। इमामबाड़ों में देर रात तक महफिलों का आयोजन कर हजरत अली अलैहिस्सलाम की विलायत की खुशी में जश्न मनाया गया। मस्जिदों व धार्मिक स्थलों पर विशेष नमाज अदा की गई।
वक्फ मस्जिद रौज-ए-हजरत कासिम में मौलाना रहबर रजा सुल्तानी ने, मस्जिद इमाम ज़ैनुल आबेदीन जाफराबाद में मौलाना जैगम अब्बास बाकरी ने और बड़ी मस्जिद में मौलाना मेहंदी हसन वाइज ने नमाज-ए-गदीर अदा कराई। तंजीम जाफरी के तत्वावधान में 40वें दौर के पारंपरिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुटे।
मौलानाओं ने खिताब में कहा कि ईद-ए-गदीर वह मुबारक दिन है, जब पैगंबर-ए-इस्लाम ने हजरत अली को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। यह दिन विलायत की ताजपोशी का दिन है, जिसकी रात हर दुआ कुबूल होती है। उस्मानपुर की हुसैनी बारगाह में शायरों और उलेमाओं ने हजरत अली के फजाएल पर रोशनी डाली। जाफराबाद के बड़ा हुसैनी चौक पर अंजुमन जुल्फिकारिया के तत्वावधान में आयोजित कसीदा ख्वानी में शायरों ने अपने कलामों के माध्यम से अकीदत का इजहार किया। दोपहर बाद चिलवनिया स्थित कदीमी बड़ी दरगाह पर लगे मेले में बड़ी संख्या में महिलाएं व जायरीन पहुंचे और फातेहा ख्वानी कर देश में अमन व चैन की दुआ मांगी।