बसखारी। महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी के 628 उर्स के पांचवें दिन भी जायरीन की भारी भीड़ उमड़ी। आस्ताने आलिया पर पहुंचकर माथा टेकने व चादर चढ़ाने का सिलसिला जारी है। साथ ही पवित्र नीरशरीफ में स्नान करने वालों की भी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उधर शनिवार को सज्जादानशीन सै. फखरुद्दीन अशरफ ने आस्ताने आलिया पहुंचकर विशेष वस्त्र खिरका ग्रहण कर विशेष दुआ की। इस दौरान बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे।
विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछा शरीफ में चल रहे उर्स में आस्ताने आलिया पर माथा टेकने व चादर चढ़ाने के लिए जायरीन का पहुंचना लगातार जारी है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौजूदा समय में उर्स परिसर में प्रत्येक स्थान पर सिर्फ और सिर्फ जायरीन ही दिखाई दे रहे हैं। आपसी एकता व अखण्डता के प्रतीक इस दरगाह पर सभी धर्म के मानने वाले पहुंचकर माथा टेककर मन्नतें मांग रहे हैं। इसमें न सिर्फ देश, वरन विदेशों से भी बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हो रहे हैं। शनिवार को भी बड़ी संख्या में जायरीन ने दरगाह पहुंचकर विशेष दुआ की। साथ ही पवित्र नीरशरीफ में भी बड़ी संख्या में लोगों ने स्नान किया। मान्यता है कि इस तालाब में नहाने वालों के विभिन्न प्रकार के रोग दूर होते हैं। विशेषकर कुष्ठ रोगियों को इससे खास फायदा पहुंचता है। उधर शनिवार को सज्जादानशीन सै. फखरुद्दीन अशरफ ने आस्ताने आलिया पहुंचकर विशेष दुआ कराई। शनिवार अपराह्न वे बसखारी स्थित अपने आवास से जुलूस के साथ दरगाह परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने विशेष वस्त्र खिरका ग्रहण कर जायरीन के बीच आस्ताने आलिया पहुंचे। यहां उन्होंने विशेष दुआ की।
इंतेजामिया कमेटी अध्यक्ष सै. मेराजुद्दीन किछौछवी ने बताया कि उर्स में भाग लेने आने वाले जायरीन को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बताया कि रविवार को मुख्य सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ की अध्यक्षता में दरगाह परिसर में नातिया मुशायरे का आयोजन होगा। इसमें न सिर्फ स्थानीय, वरन बाहरी शायर भी अपने कलाम प्रस्तुत करेंगे। बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।