अंबेडकरनगर (ब्यूरो)। पांच वर्ष पूर्व मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायाधीश ने कहा कि बच्ची के साथ ऐसा अपराध जघन्यतम श्रेणी में आता है।
अहिरौली थाना क्षेत्र में 26 अगस्त 2009 को पीड़ित बच्ची के पिता ने थाने में तहरीर दी थी। उसमें लिखा था कि उसकी पांच वर्षीय पुत्री सुबह नौ बजे नित्यकर्म के लिए गांव के बाहर तालाब पर गई थी। वहां पर आरोपी भल्लू उर्फ वसीउर्रहमान ने उसे दबोच लिया। घर लौटकर मासूम ने घटना की जानकारी दी। इस मामले में पुलिस ने छेड़छाड़ की धारा में केस दर्ज किया। मासूम की हालत इतनी गंभीर थी कि सीएचसी कटेहरी पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। पुलिस ने विवेचना में दुष्कर्म का मामला पाया और धारा 376 के तहत आरोपपत्र दाखिल कर दिया। यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। कुल आठ गवाहों को अभियोजन पक्ष ने पेश किया, जिन्होंने घटना की पुष्टि की। आरोपी ने स्वयं को निर्दोष बताया, लेकिन सफाई में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। अपर सत्र न्यायाधीश बीके जायसवाल ने मामले की सुनवाई की। उन्होंने कहा कि अभियुक्त ने पांच वर्ष की बच्ची के साथ जघन्यतम अपराध किया है। इस मामले में न्यायाधीश ने आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।