अंबेडकरनगर (ब्यूरो)। सात लाख से अधिक के गबन मामले में अपर जनपद न्यायाधीश ने साधन सहकारी समिति दाउदचक के सचिव रहे चुन्नीलाल की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। कहा कि इस अपराध में आजीवन कारावास तक का दंड है, ऐसे में जमानत का आधार नहीं बनता। अपर जिला सहकारी अधिकारी बच्चनराम ने टांडा विकासखंड की साधन सहकारी समिति दाउदचक के सचिव रहे चुन्नीलाल के विरुद्ध बीती 26 मई को अलीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि आरोपी ने विभिन्न मदों की आय को सीधे कैशबुक द्वारा अनियमित ढंग से खारिज करते हुए 7 लाख 33 हजार 908 रुपये का गबन किया। आरोपी इन दिनों मंडल कारागार फैजाबाद में निरुद्ध है। अवर न्यायालय में जमानत नामंजूर होने के बाद आरोपी ने अपर सत्र न्यायालय में जमानत का प्रार्थनापत्र दिया। कहा कि उसने कोई वित्तीय अनियमितता नहीं की है। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश एसके गोयल ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।