अंबेडकरनगर। विभिन्न विभागों के 600 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों की होली फीकी रह जाएगी। कारण यह कि उन्हें अब तक वेतन नहीं मिल सका है और न ही होली के पूर्व मिलने की संभावना है। ऐसे में कर्मचारियों के साथ ही उनके परिवारीजनों को भी इस होली में मायूस होना पड़ सकता है।
मनरेगा के तहत 100 से अधिक कर्मचारियों को वेतन या मानदेय अब तक नहीं मिल सका है। 71 तकनीकी सहायक, नौ ऑपरेटर व नौ एपीओ को दिसंबर से मानदेय तथा 10 से अधिक कर्मचारियों को फरवरी का वेतन अब तक नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते उन्हें मानदेय नहीं मिल सका है। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि आयकर नहीं भरने के कारण कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला। बताया कि होली से पूर्व मिलने की संभावना भी नहीं है। जिला विकास अधिकारी कार्यालय से जिला मुख्यालय सहित सभी ब्लाकों से संबंधित 200 से अधिक कर्मचारियों को वेतन व मानदेय का भुगतान किया जाता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कटेहरी, भियांव व जहांगीरगंज ब्लॉक के 42 कर्मचारियों द्वारा इनकम टैक्स पेपर तैयार नहीं करने से उनका फरवरी का वेतन नहीं मिल सका है। बसखारी, अकबरपुर, जलालपुर व भियांव के 55 ग्राम विकास व अन्य अधिकारियों को वेतन व मानदेय नहीं मिल सका है। कारण ये कि गत दिनों मनरेगा के तहत इन कर्मचारियों द्वारा ब्लॉकों में पड़ी धनराशि शासन को वापस नहीं की गई। इस पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों का वेतन व मानदेय भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया था।
बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक विद्यालय के 3681 शिक्षकों के सापेक्ष 300 से अधिक शिक्षकों को वेतन नहीं मिल सका है। लेखाधिकारी केके पांडेय ने बताया कि अकबरपुर, कटेहरी व टांडा शिक्षा क्षेत्र के इन अध्यापकों द्वारा आयकर फॉर्म को पूर्ण नहीं किया गया है। इसके चलते इनका वेतन रोका गया है। खाद्य एवं विपणन विभाग के आठ कर्मचारियों का वेतन कार्य में लापरवाही के चलते कमिश्नर द्वारा रोक दिया गया है। विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि खाद्य विभाग के सभी आठ निरीक्षकों का वेतन गत दिनों एमडीएम परिवहन का भुगतान नहीं करने के कारण रोका गया है। स्वास्थ्य विभाग में एनएचआरएम के 50 कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा सका है।