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‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना के 8.89 करोड़ वापस

Sun, 05 Jan 2014 05:45 AM IST
AmbedkarNagar
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अंबेडकरनगर। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की उदासीनता के चलते ‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना की पात्र मुस्लिम बालिकाओं को योजना का लाभ पाने के लिए अब और इंतजार करना पड़ेगा। कारण यह कि शासन द्वारा निर्धारित समय के अंदर सत्यापन सूची उपलब्ध न करा पाने के चलते शासन ने जिले में भेजी गई आठ करोड़ 89 लाख की रकम वापस ले ली है। ऐसे में हाईस्कूल पास कर इंटरमीडिएट में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को अब फिर से धन आने का इंतजार करना पड़ेगा। विभाग ने शासन से लक्षित 2,964 के सापेक्ष 4,752 पात्रों की सूची अब तैयार कर शासन को भेज दी है।
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सपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल ‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना के संचालन में जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मनमानी भारी पड़ गई है। योजना के तहत बीपीएल परिवार की उन अध्ययनरत बालिकाओं को योजना का लाभ दिया जाना है जिनके अभिभावकों की आय 36 हजार से कम है और उन्होंने वर्ष 2012-13 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर कक्षा 11 में प्रवेश लिया हो। इस योजना के तहत बालिका को 30 हजार रुपये की धनराशि एकमुश्त उनके खाते में दी जानी है। शासन ने मौजूदा वित्तीय वर्ष 2013-14 में जिले के 2,964 बालिकाओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य दिया था। हालांकि जिले में विभाग को कुल पांच हजार 31 छात्राओं द्वारा आवेदन किया गया। विभाग ने आवेदन पत्रों की जांच के लिए समस्त छात्राओं की पत्रावलियों की जांच के लिए तहसील व ब्लॉक मुख्यालय भेजी। इसी बीच शासन ने लक्ष्य के सापेक्ष विभाग के खाते में आठ करोड़ 89 लाख रुपये की धनराशि भी भेज दी।
विभाग की उदासीनता व तहसील व ब्लॉक के असहयोग के चलते विभाग निर्धारित समय सीमा के अंदर पत्रावलियों की जांच कर शासन को रिपोर्ट नहीं दी जा सकी। विलंब होे जाने के चलते शासन ने योजना के तहत आई धनराशि को वापस ले लिया। इससे जिले की उन पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ नहीं मिल सका। विभाग बढ़े आवेदन पत्रों की बात तो दूर लक्षित संख्या के अनुरूप भी पात्रों को लाभ नहीं दिला सका। विभाग को अपनी उदासीनता पर शासन से फटकार भी खानी पड़ी। इस बीच विभाग ने अब आए आवेदन पत्रों की जांच कर चार हजार 752 छात्राओं को पात्र बताते हुए सत्यापन रिपोर्ट शासन को भेज दी है। हालांकि अब विभाग को इसके लिए धन मिलने में काफी समय लग सकता है। ऐसे में आवेदकों में विभाग की लापरवाही से खासा आक्रोश भी दिख रहा है।
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