अंबेडकरनगर। जिले में अन्य आपराधिक वारदात भले ही तेजी से बढ़ रहे हों, लेकिन साइबर अपराध के मामले में काफी राहत है। यहां अब तक साइबर अपराध का सिर्फ एक मामला ही दर्ज हो सका है। इसकी विवेचना मामला पंजीकृत होने के साथ ही लखनऊ स्थित विशेष जांच टीम को सौंप दी गई थी। जनपद में वर्ग संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के चलते भले ही समूचे प्रदेश में यह जिला संवेदनशील श्रेणी में शुमार हो गया हो, लेकिन साइबर अपराध ने अभी यहां पांव नहीं पसारे हैं। लूट, हत्या व रंगदारी जैसी वारदातों की भी तेजी से वृद्धि हुई है। वहीं साइबर अपराधों के मामले में जिले को राहत मिली हुई है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में ऐसे अपराध तेजी से बढ़ने के बाद जिले में भी इसे लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यह बात अलग है कि अब तक सिर्फ एक शिकायत सामने आई है।
बीते वर्ष के शुरुआती दौर में जब टांडा में हिंदू युवा वाहिनी के जिला संयोजक रामबाबू गुप्त की हत्या हुई थी, तब बिगड़े माहौल के बीच एक वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री प्रदर्शित हुई थी। कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने अकबरपुर थाने में मामला पंजीकृत कराया था।
सीओ सदर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद इसे विवेचना के लिए लखनऊ सेल भेज दिया गया था। इसके बाद से कोई शिकायत सामने नहीं आ सकी है। एसपी सुनील सक्सेना के मुताबिक साइबर अपराध की कोई सूचना फिलहाल नहीं है। शिकायत सामने आने पर उसे दिखवाया जाएगा।