अंबेडकरनगर। जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले के दूर-दराज इलाकों से आए वादकारियों की भीड़ लगी रही। मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति व जिले के प्रशासनिक जज रमेश सिन्हा राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरुआत कराई। उन्होंने कई अदालतों का निरीक्षण भी किया। इस मौके पर कुल रिकार्ड छह हजार 158 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते से किया गया। लोक अदालत को लेकर वादकारियों एवं अधिवक्ताओं के बीच काफी उत्सुकता देखी गई। इसके चलते न्यायालय परिसर में अतिरिक्त प्रबंध करने पड़े।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर जनपद न्यायालय में सुबह से ही काफी गहमागहमी थी। वादों के निस्तारण की उम्मीद लगाए दूरदराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वादकारी न्यायालय परिसर पहुंच गए थे। न्यायालय प्रशासन ने भी वादकारियों को सुविधा पहुंचाने के लिए व्यापक तैयारी की थी। विभिन्न बैंकों व बीमा से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए विशेष प्रबंध कर काउंटर बनवाए गए थे। इनमें सुबह से ही सुलह-समझौते के आधार पर वादों के निस्तारण का दौर शुरू हो गया था। न्यायिक अदालतों में भी वादकारियों को राहत पहुंचाने के लिए तेजी से काम निपटाए गए। इसमें अधिवक्ताओं व न्यायालय कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपराह्न बाद मुख्य अतिथि प्रशासनिक न्यायाधीश रमेश सिन्हा जनपद न्यायालय परिसर पहुंचे, तो यहां जनपद न्यायाधीश राजकुमार, डीएम कर्णसिंह चौहान व एसपी सुनील सक्सेना सहित अन्य न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद प्रशासनिक न्यायाधीश ने जनपद न्यायालय का निरीक्षण कर लोक अदालत का भी जायजा लिया। उन्होंने इस आयोजन को वादकारियों के हित में मील का पत्थर बताया। न्यायिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण विचार-विमर्श भी किया। इस मौके पर अपर जिला जज वीएस मिश्र, अपर जिला जज एसके गोयल, सीजेएम रामकरन सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। एलडीएम एके शर्मा ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 770 वाद में से 187 वादों के एक करोड़ 46 लाख के कर्ज का 58 लाख 44 हजार में समझौता हुआ। इसमें 14 लाख 61 हजार रुपये जमा कराए गए। एसबीआई द्वारा 18 लाख 96 हजार, पंजाब नेशनल बैंक द्वारा दो लाख 36 हजार, ओरियंटल बैंक द्वारा 5 हजार, अन्य ग्रामीण बैंकों द्वारा एक लाख 58 हजार रुपये की वसूली की।