अंबेडकरनगर। जिले के किसान मजदूर बालिका विद्यालय में छात्रवृत्ति के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। स्कूल के रजिस्टर में दर्ज 294 छात्राओं में से एबीएसए ने 153 छात्राओं के कागजातोें का सत्यापन किया तो इसमें 141 के नाम फर्जी निकले। इस पर बीएसए ने स्कूल से जुड़े परिषदीय प्राथमिक विद्यालय सुगौटी के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया, तो वहीं किसान मजदूर बालिका विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की नोटिस जारी कर दी। साथ ही एबीएसए से शेष छात्राओं का सत्यापन कार्य पूर्ण करने एवं जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
कटेहरी क्षेत्र के सुगौटी गांव में किसान मजदूर बालिका विद्यालय है। यहां 2012-13 में 294 छात्र-छात्राओं के लिए 300 रुपये की दर से 88 हजार 200 रुपये की छात्रवृत्ति सुगौटी गांव स्थित परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में शासन द्वारा भेजी गई। इससे पहले कि प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक परमदेव संबंधित स्कूल में छात्रवृत्ति का वितरण करते, गांव के ही रामचंद्र ने डीएम व बीएसए से शिकायत कर दी। इसमें कहा गया कि बालिका स्कूल में जितनी छात्राओं के नाम रजिस्टर में दिखाए जा रहे हैं, वह फर्जी हैं। तत्कालीन डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वजीफा बांटने पर रोक लगाने एवं छात्राओं के सत्यापन करने का निर्देश दिए।
इस बीच कुछ दिनों के इंतजार के बाद प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व किसान मजदूर बालिका विद्यालय के प्रबंधक शीतला यादव ने वजीफा बांट दिया। इस पर शिकायतकर्ता ने बीते दिनों लखनऊ जनता दर्शन में मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की। सीएम ने डीएम से मामले की जांच कराने व उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। डीएम पंकज यादव ने बीएसए दलसिंगार यादव से जांच कराने को कहा। बीएसए ने इसकी जिम्मेदारी कटेहरी एबीएसए सुरेश को दी। एबीएसए ने 153 छात्राओं का सत्यापन किया, तो उसमें 141 छात्राओं के नाम फर्जी पाए गए। जिनका नाम सत्यापन में सही पाया गया, उन्होंने बताया कि उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली है। एबीएसए ने रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। बीएसए ने परिषदीय प्रावि के प्रधानाध्यापक परमदेव को निलंबित कर दिया। साथ ही किसान मजदूर प्राथमिक विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरित करने की नोटिस जारी कर दी।