अंबेडकरनगर। अकबरपुर थाना क्षेत्र के बरधाभिउरा गांव में हुई बालक की हत्या मामले में की गई नामजदगी से खफा ग्रामीणों ने शनिवार को अकबरपुर थाना घेरकर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि इससे पहले परिजनों ने किसी पर कोई आशंका नहीं जताई थी। बाद में साजिश के तहत फर्जी नामजदगी की गई है, जो अनुचित है।
शुक्रवार को दोपहर बाद बरधाभिउरा निवासी नीरज राजभर के 10 वर्षीय पुत्र विशाल का शव गांव के निकट ही एक गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। वह तीन दिन से लापता था। इस मामले में परिजनों ने प्रदीप वर्मा, प्रदीप यादव व गोलू वर्मा को नामजद किया था। उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी। एक तरफ जहां परिजनों व ग्रामीणों ने शुक्रवार को अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मार्ग जाम किया था, वहीं शनिवार को मामले में की गई नामजदगी को गलत ठहराते हुए तमाम ग्रामीणों ने अकबरपुर थाने के समक्ष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के मुताबिक 20 नवंबर को जब विशाल लापता हुआ था, तब उसके परिजनों ने किसी पर आशंका नहीं जताई थी। अब जबकि विशाल का शव मिला तो किसी साजिश के तहत फर्जी नामजदगी करा दी गई है। थाने पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने निर्दोषों के विरुद्ध कार्रवाई की तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने जिन नामजद अभियुक्तों को हिरासत में ले रखा है, वे अध्ययनरत हैं। उधर, थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह ने कहा कि कोई प्रदर्शन नहीं हुआ था। ग्रामीण वार्ता के लिए आए थे। उनसे कहा गया है कि मामले में निष्पक्ष ढंग से कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन में अरुण वर्मा, अशोक, कौशल किशोर, अरविंद आदि मौजूद रहे।