अंबेडकरनगर। जिले के 86 हजार 812 किसान केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए भटक रहे हैं। योजना के तहत इन्हें एक भी किस्त अब तक नहीं मिल सकी है। योजना के तहत चयनित 3 लाख 39 हजार 584 किसानों के मुकाबले जिन 2 लाख 52 हजार 772 किसानों को योजना का लाभ मिला भी है उनमें भी एक लाख से अधिक ऐसे हैं, जिन्हें तीसरी किस्त अब तक नहीं मिल सकी है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का जिले के किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। योजना के तहत पात्र किसानों का चयन तो कर लिया गया, लेकिन उन्हें योजना का समुचित लाभ दिलाने को लेकर कृषि विभाग गंभीर नहीं हो रहा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 86 हजार 812 किसानों को योजना का लाभ अब तक नहीं मिल सका है।
कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार योजना के तहत कुल 3 लाख 39 हजार 584 किसानों का चयन किया गया था। 2 लाख 52 हजार 772 किसानों के खाते में प्रथम किस्त की राशि 2 हजार रुपये भेज दी गई। इसके बाद कुछ के खाते में दूसरी किस्त की राशि भी भेज दी गई। एक लाख से अधिक ऐसे किसानों को अभी भी तीसरी किस्त का इंतजार है।
जिन 86 हजार 812 किसानों को अब तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है, वे लगातार योजना का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं। किसान आए दिन कृषि विभाग कार्यालय का चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन उन्हें कोई समुचित जवाब नहीं मिल पाता। किसानों ने विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों पर लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मनमानी के चलते ही उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अकबरपुर विकास खंड के मस्तराम जायसवाल व मेवालाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि योजना के तहत जब उनका चयन किया गया था तो खुशी हुई थी कि उन्हें कुछ तो आर्थिक राहत मिलेगी। अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है जबकि सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
भीटी विकास खंड के दीपक कुमार, मानप्रकाश सिंह व जितेंद्र कुमार ने कहा कि उन्होंने कई बार जरूरी कागजात कृषि भवन को उपलब्ध कराया, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। योजना के लाभ के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। नतीजा यह है कि वे अब तक योजना के लाभ से वंचित हैं।
86 हजार से अधिक किसानों के खाते में योजना के तहत राशि नहीं गई है। दरअसल, इनका सत्यापन नहीं हो सका है। तेजी लाकर सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित किसानों के खाते में राशि भेजी जाएगी।
- रामदत्त बागला, उप कृषि निदेशक