अंबेडकरनगर। जिले की 927 ग्राम पंचायतें 79 करोड़ रुपये की लागत से चमचमाएंगी। 14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत प्राप्त राशि से न सिर्फ सरकारी संपत्तियों की देखरेख की जाएगी, बल्कि पेयजल, प्रकाश, आवागमन, साफ सफाई व जलनिकासी जैसी समस्याएं भी दूर होंगी। इसके साथ ही काया कल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों की भी व्यवस्था चाकचौबंद की जाएगी। 14वें वित्त के तहत 68 करोड़ रुपये की राशि बीते दिनों ही शासन से जिले को उपलब्ध हो चुकी है, जबकि राज्य वित्त के तहत 11 करोड़ रुपये की राशि भी शीघ्र ही जिले को उपलब्ध हो जाएगी।
देश के विकास का मार्ग गावों से ही होकर जाता है। ऐसे में यदि ग्राम पंचायतें विकसित होंगी, तो देश का विकास भी तेजी से होगा। इसी को देखते हुए शासन ने जिले की 927 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य को गति प्रदान करने के लिए 14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत कुल 79 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी प्रदान की है। डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार 14वें वित्त के तहत 68 करोड़ रुपये, जबकि राज्य वित्त के तहत 11 करोड़ रुपये को मंजूरी शासन ने प्रदान की है। 14वें वित्त के तहत मंजूर की गई 68 करोड़ रुपये की राशि बीते दिनों ही शासन से डीपीआरओ कार्यालय को प्राप्त हो गई है, जबकि राज्य वित्त के तहत मंजूर की गई 11 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र ही शासन से जिले को उपलब्ध हो जाएगी।
डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार शासन से उपलब्ध होने वाली राशि से जिले की 927 ग्राम पंचायतों को चमकाया जाएगा। राज्य वित्त के तहत प्राप्त राशि का 50 प्रतिशत राशि सरकारी संपत्तियों की देखरेख पर खर्च होगा, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि का प्रयोग पेयजल, आवागमन, जलभराव, प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं को चुस्त दुरुस्त करने में खर्च की जाएगी। इसके अलावा 14वें वित्त के तहत प्राप्त राशि का भी प्रयोग ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में खर्च होंगी। साथ ही काया कल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर चाक-चौबंद किया जाएगा।
कटरिया के रामसजीवन जायसवाल व बरधाभिउरा के दिलीप कुमार ने कहा कि 14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत प्राप्त होने वाली बड़ी रकम से ग्रामीणों को मूलभूत समस्याओं से राहत मिलेगी। पेयजल, प्रकाश, जलभराव व आवागमन जैसी समस्याएं दूर होने की उम्मीद है। भीटी के राहुल कुमार व महरुआ के जंगबहादुर ने कहा कि काया कल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों को चाक चौबंद किए जाने से छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों का परिषदीय विद्यालयों की तरफ आकर्षण बढ़ेगा। यदि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को और भी दुरुस्त कर दी जाए तो छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत जिले की 927 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 79 करोड़ रुपये की राशि को शासन ने मंजूरी प्रदान की है। शीघ्र ही विकास कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
रामअशीष चौधरी, डीपीआरओ