अंबेडकरनगर। जिले की 927 ग्राम पंचायतों की 20 लाख से अधिक आबादी को शुद्ध पेयजल के लिए अब इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। जल जीवन मिशन योजना के तहत शीघ्र ही पाइप लाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल नागरिकों के घर तक उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत कार्य प्रारंभ हो सके, इसके लिए शासन ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव की मांग की है। जैसे जैसे ग्राम पंचायतों द्वारा प्रस्ताव भेजा जाएगा, वैसे वैसे संबंधित ग्राम पंचायतों में योजना के तहत कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे ग्रामीणों को भी शहरी व नगरीय क्षेत्रों की तरह ही पाइप लाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन योजना के तहत अब ग्राम पंचायतों में भी पाइप लाइन के माध्यम से लोगों के घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए जाने की घोषणा की है। बीते दिनों ही प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर योजना के बारे में जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि सभी ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व सचिवों से योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों का प्रस्ताव मांगा जाए।
उपलब्ध प्रस्ताव को सूचिबद्ध ढंग से शासन को उपलब्ध कराया जाए। जलनिगम के लिपिक आरपी यादव ने बताया कि योजना के कराए गए कार्यों में जो राशि खर्च होगी, उसका 5 व 10 प्रतिशत अंशदान ग्राम पंचायत को देना होगा। जिन गावों में अनुसूचित जाति व जनजाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है, उस ग्राम पंचायत से 5 प्रतिशत, जबकि अन्य से 10 प्रतिशत अंशदान लिया जाएगा। ग्राम पंचायतों द्वारा यह अंशदान नगद, सामग्री व श्रम के रूप में दिया जा सकेगा।
बताया कि योजना के तहत ग्रामीणों के घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके लिए न सिर्फ घर तक पाइप लाइन बिछाई जाएगी, बल्कि ट्यूबवेल व ओवरहेड टैंक की भी स्थापना की जाएगी। बताया कि शासन के दिशा निर्देशानुसार जिले की 927 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों व सचिवों को प्रस्ताव दिए जाने के लिए पत्र भेज दिया गया है।
अब जैसे जैसे ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव आते जाएंगे, उन्हें सूचिबद्ध कर शासन को भेज दिया जाएगा। शासन से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर के माध्यम से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। योजना से जिले की 927 ग्राम पंचायतों की 20 लाख से अधिक की आबादी को शुद्ध पेयजल का लाभ मिल सकेगा।
जलनिगम के लिपिक आरपी यादव ने बताया कि योजना के तहत जो कार्य कराया जाएगा, वह भविष्य को ध्यान में रखते हुए होगा। शासन के दिशा निर्देश के अनुसार जिस ओवरहेड टैंक व ट्यूबवेल की स्थापना की जाएगी, उसकी क्षमता इस प्रकार रखी जाएगी कि इसका लाभ आगामी 30 वर्ष तक बगैर किसी बाधा के ग्रामीणों को मिलती रहे। पाइप लाइन बिछाए जाते समय इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि 30 वर्षों में जनसंख्या वृद्धि होने पर भी उन्हें शुद्ध पेयजल आसानी के साथ मिल सके।
शासन की योजना के अनुसार ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व सचिवों को प्रस्ताव के लिए पत्र भेजा जा रहा है। प्रस्ताव मिलते ही उसे सूचीबद्ध करते हुए शासन को भेज दिया जाएगा।
बाकर हुसैन, अधिशाषी अभियंता, जलनिगम