गेहूं खरीद को लेकर जिले के लिए 77 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो विगत वर्ष के सापेक्ष 21 हजार मीट्रिक टन अधिक है। किसानों को गेहूं बिक्री करने को लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 5 एजेंसियों के कुल 45 केंद्र स्थापित किए गए हैं।
शनिवार से इन केंद्रों पर खरीदारी होनी थी, लेकिन एक भी किसान उपज लेकर निकटवर्ती केंद्रों पर नहीं पहुंचा। गौरतलब है कि 1 अप्रैल से गेहूं खरीद का कार्य प्रारंभ होना था। एक दिन पहले ही जिले को गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
विगत वर्ष गेहूं खरीद का लक्ष्य 56 हजार मीट्रिक टन था जबकि इस बार इसे बढ़ाकर 77 हजार मीट्रिक टन कर दिया जो बीते वर्ष से 21 हजार मीट्रिक टन अधिक है। किसानों को उपज बिक्री करने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 5 एजेंसियों के कुल 45 केंद्रों की स्थापना की गई।
इसमें खाद्य विभाग के 11, पीसीएफ के 28, यूपीस्टेट एग्रो का एक, कर्मचारी कल्याण निगम के तीन व भारतीय खाद्य निगम के दो केंद्र स्थापित है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार खाद्य विभाग को 30 हजार मीट्रिक टन, पीसीएफ को 27 हजार एमटी, यूपीस्टेट एग्रो को चार हजार एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम को छह हजार एमटी व भारतीय खाद्य निगम को 10 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है।
शनिवार 1 अप्रैल से इन केंद्रों पर गेहूं की खरीदारी शुरू होनी थी लेकिन पहले दिन किसी भी केंद्र पर उपज बेचने के लिए किसान नहीं पहुंचे। खरीदारी को लेकर संबंधित अधिकारियों द्वारा गंभीरता दिखाए जाने के सख्त निर्देश के चलते पहले दिन सभी क्रय केंद्र खुले लेकिन किसानों के न आने से सन्नाटा पसरा रहा।
भीटी प्रतिनिधि के अनुसार भीटी स्थित पीसीएफ केंद्र पर इलेक्ट्रानिक कांटा व खरीद संबंधित अन्य सामग्रियां मौजूद थीं। यहां मिले केंद्र प्रभारी दुर्गाप्रसाद पांडेय ने बताया कि यहां एक हजार बोरी मौजूद है। खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
बताया कि पहले दिन कोई किसान उपज बेचने नहीं आया। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति रेवई केंद्र खुला हुआ था, लेकिन पूरी तरह सन्नाटे का माहौल रहा। प्रभारी शेषराम वर्मा ने बताया कि तौल के लिए इलेक्ट्रानिक कांटा लगा हुआ है। बोरी भी पर्याप्त मात्रा में है।
किसानों की उपज खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। खाद्य एवं विपणन अधिकारी अविनाश झा ने बताया कि क्रय केंद्रों पर किसानों को उपज बिक्री करने में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। शनिवार को सभी क्रय केंद्र खुले। क्रय केंद्रों पर कांटा व बाट के अलावा पर्याप्त मात्रा में बोरी भी उपलब्ध है।