स्थानीय थाना क्षेत्र के सिलावट गांव मेें शनिवार को विद्युत शॉर्ट सर्किट से लगी आग से लगभग 20 बीघा गेहूं की फसल राख हो गई। ग्रामीणों को जब तक इसकी जानकारी हो पाती, तब तक आग अपना कहर आधा दर्जन किसानों की फसलों पर बरपा चुकी थी। घटना से गांव में चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई।
सूचना के घंटेभर बाद पहुंची फायर टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर आग नियंत्रित किया। इस घटना से किसानों को करीब चार लाख रुपए का नुकसान हुआ है। घटना को लेकर किसानों में आक्रोश का माहौल है।
सिलावट गांव में शनिवार दोपहर करीब उस समय चीख-पुकार मच गई, जब कुछ लोगों ने सूचना दी कि गांव निवासी राम आनंद पाल के खेत में विद्युत शॉर्ट सर्किट से आग लग गई है। आग की सूचना मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। बिजली से आग लगने के चलते लोग बुझाने का साहस भी नहीं कर पा रहे थे।
इसकी सूचना महरुआ विद्युत उपकेंद्र को दी गई। आपूर्ति ठप होने के बाद आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। सूचना अकबरपुर फायर स्टेशन को भी दी गई। लगभग एक घंटे बाद फायरकर्मी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ मिलकर करीब तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका।
तब तक आग ने करीब 20 बीघा फसल राख कर दी। आग से राम आनंद पाल की लगभग दो बीघा गेहूं की फसल जल गई। इसके अलावा झिन्कू की एक बीघा, धर्मराज की एक बीघा, करमराज की दो बीघा, नन्हे की दो बीघा, रामशंकर की दो बीघा, गंगाराम की डेढ़ बीघा, कृष्णा मौर्य की एक बीघा, अनिल की एक बीघा, अयोध्या प्रसाद पांडेय की तीन बीघा, कलावती की डेढ़ बीघा व महेश की दो बीघा की फसल राख हो गई। आग की इस घटना से किसानों को करीब चार लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
किसानों ने पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों की मनमानी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई की मांग की है। किसानों का आरोप है कि एक सप्ताह पहले भी विद्युत पोल में लगा क्लैंप टूटने से गांव निवासी पारसनाथ सिंह के खेत में आग लग गई थी। इससे करीब चार बीघा गेहूं जल गया था।